विधानसभा में अखिलेश की ‘कुर्सी’ पर बैठे थे माता प्रसाद, देखिए किस मूड में थे पास बैठे चाचा शिवपाल
खबरों के खिलाड़ी। यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने समाजवादी पार्टी के नेता माता प्रसाद पांडे का स्वागत किया, जिन्हें सदन में नेता प्रतिपक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष का जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है।
माता प्रसाद पाण्डेय को सदन में नेता प्रतिपक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है। वह विधानसभा में अखिलेश की कुर्सी पर बैठे थे। इस दौरान उनके साथ शिवपाल यादव बैठे हुए थे और उनके चेहरे के भाव देखने लायक थे। इससे पहले योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष से सदन में सहयोग देने की अपील की, लेकिन उनकी इस अपील का कुछ असर सदन में दिखाई नहीं दिया। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने नेता प्रतिपक्ष को लेकर बड़ा दांव खेला है। इसे ब्रह्मण वोटों की राजनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, नेता प्रतिपक्ष की दौर में अखिलेश के चाचा शिवपाल यादव समेत कई नेता जैसे इंद्रजीत सरोज, रामअचल राजभर और तूफानी सरोज भी शामिल थे, लेकिन अखिलेश ने ये जिम्मेदारी माता प्रसाद पांडे को सौंपी है। इससे शिवपाल को कुछ बुरा जरूर लगा होगा। हालांकि, माता प्रसाद का कद भी यूपी की राजनीति में कम नहीं है। उन्हें प्रदेश की राजनीति में एक प्रभावशाली नेता माना जाता है और वह यूपी विधानसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं।
CM योगी की अपील का नहीं दिखा असर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, ” सदन का मंच उस चर्चा का मंच बने, जहां मुद्दों को उचित तरीके से उठाया जाए. सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए सदन में उपस्थित रहेगी। सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सके, विधायी कार्य सही से संपन्न हो सकें, इसके लिए मैं सभी माननीय सदस्यों से अपील करूंगा। सदन की कार्रवाई अच्छे से चल सके इसके लिए मैं सबसे अपील करूंगा कि वे सभी सकारात्मक सहयोग दें.” सपा विधायकों का जोरदार हंगामा यूपी विधानसभा सत्र में जोरदार हंगामे के आसार थे, और वही देखने को भी मिल रहा है। पहले ही दिन सदन में जोरदार हंगामा देखने को मिला और समाजवादी पार्टी के विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। इस दौरान सपा विधानसभा हाथ में पोस्टर भी लिए हुए थे। इस दौरान अध्यक्ष सतीश महाना सपा विधायकों को शांत रहने की अपील करते नजर आए। लेकिन उनकी अपील की अनदेखी करते हुए विधायक हंगामा करते रहे। सपा विधायक कई क्षेत्रों में बाढ़, सूखा, बिजली कटौती और किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में नजर आ रहे हैं। इस दौरान योगी सरकार, एक दर्जन से ज्यादा अध्यादेश पारित करने की रणनीति बना रही है।