खबरों के खिलाड़ी। जामनगर के महाराजा से लेकर रतन टाटा, क्रिकेटर नवाब पटौदी और पाकिस्तानी गवर्नर की गर्लफ्रैंड रही, हिंदी सिनेमा की यह खास अभिनेत्री, जिसे बॉलीवुड ने नाम दिया “द लेडी इन वाइट”। एक ऐसी अभिनेत्री, जिन्होंने कभी दुनिया की परवाह नहीं की। इस मशहूर अदाकारा ने आज से 50 साल पहले फिल्मी पर्दे पर ऐसे बिंदास सीन दिए कि, देखने वाले हैरान रह गए। वह खूबसूरत होने के साथ-साथ एलिगेंट और डीसेंट नजर आती थीं। साथ ही परदे से ज्यादा असल जिंदगी में भी उनकी खूबसूरती की चर्चाएं थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बेहद कम उम्र में ही इन्होंने दुनिया भर के कई देशों में भ्रमण किया और उनके ढेरों चाहने वालों की लंबी फेहरिस्त बन गई थी। क्या आप जानते हैं कि इंग्लैंड से पढ़ाई करने वालीं और फराटेदार अंग्रेजी बोलने वालीं, इस मशहूर अदाकारा को महज 05 साल की उम्र में अभिनेता राज कपूर की फिल्म देखकर, उनसे प्यार हो गया था और जब फिल्मों में आईं तो राज कपूर के साथ उनके अफेयर की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी।
अब तक तो शायद आप समझ गए होंगे। अगर नहीं समझे तो आपको और हिंट देते हैं। क्या आप यकीन करेंगे कि, पंजाब में जन्म लेने वाली इस एक्ट्रेस ने इंग्लैंड से पढ़ाई की और 5-5 लव अफेयर्स तथा शादी के बाद, आज भी ये तन्हा जिंदगी गुजार रही हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं 60 और 70 के दशक की बिंदास और ब्यूटीफुल एक्ट्रेस ‘द लेडी इन वाइट’ यानी सिमी ग्रेवाल की। बता दें कि, सिमी ग्रेवाल जैसे ही फिल्म इंडस्ट्री में आईं, एकदम से छा गई। खास बात यह है कि, इन्होंने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत हिंदी फिल्मों से नहीं बल्कि अंग्रेजी फिल्म से की, जिसका नाम था “टार्जन गोज टू इंडिया”। सिमी का जन्म 17 अक्टूबर 1947 को पंजाब के जालंधर में हुआ था। इनके पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात की जाए तो इनके पूरे परिवार का सेना से गहरा नाता था। इनके दादा कैप्टन कहर सिंह ग्रेवाल को खुद क्वीन इन विक्टोरिया ने एडीसी की पदवी दी थी और सिमी के पिता भारतीय सेना में ब्रिगेडियर थे। सिमी की मां का नाम दार्सी था और वह भी उस दौर में बेहद खूबसूरत और बिंदास मानी जाती थीं। सिमी की पढ़ाई-लिखाई इंग्लैंड में हुई, जहां इनकी स्कूलिंग “न्यूलैंड हाउस स्कूल” से हुई।
सिमी ग्रेवाल के परिवार के अच्छे रिश्ते महारानी गायत्री देवी से तो थे ही, साथ ही पंडित नेहरू से भी इनका परिवार काफी करीबी था। सिमी ने 05 साल की उम्र में राज कपूर की फिल्म ‘आवारा’ देखी और इसके बाद से ही उनके अंदर फिल्मों को लेकर एक जुनून छा गया। इतना ही नहीं, उनका लंदन से मुंबई आने का सफर भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। सिमी फिल्मों में काम करना चाहती थी, लेकिन उनके पिता इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे। फिर जिद्दी स्वभाव वाली सिमी ग्रेवाल ने उनके खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया और भूख हड़ताल पर बैठ गईं। आखिरकार पिता मान गए और महज 15 साल की उम्र में सिमी मुंबई आ गईं। इस अभिनेत्री की निजी जिंदगी भी उतनी ही बेबाक रही, जितनी उनकी फिल्मी जिंदगी। यदि बात उनकी अफेयर्स की करें, तो उनका नाम कभी राज कपूर के साथ, तो कभी मनमोहन देसाई के साथ भी जोड़ा गया। कहा जाता हैं कि, उस दौर की कई फिल्म मैग्जींस ने राज कपूर के साथ उनकी अफेयर्स के चटपटी खबरों को छापा और खूब गॉसिप्स बने। वर्ष 1981 में जाने-माने डायरेक्टर मनमोहन देसाई के साथ उनका नाम तब जुड़ा, जब उनकी एक फिल्म ‘नसीब’ में सिमी कैमियो रोल में नजर आईं और उसके बाद कई मौकों पर दोनों साथ नजर आने लगे। अगर सिमी ग्रेवाल के सीरियस अफेयर की बात करें, तो एक बार उन्होंने एक शो में इस बारे में खुलकर बात की थी। उन्होंने अपनी जिंदगी से जुड़े, कुछ गहरे राज भी खोले थे।
सादे लिबास में नजर आने वालीं सिमी की रंगीन जिंदगी में दखल देने वाले पहले व्यक्ति थे, लंदन में उनके पड़ोसी और जामनगर के महाराज। वर्ष 2013 में फिल्मफेयर अवार्ड शो के दौरान दिए गए, एक इंटरव्यू में उन्होंने खुद खुलासा किया था कि महज 17 साल की उम्र में उन्हें अपने पड़ोसी “जामनगर के महाराज” से प्यार हो गया था। उन्होंने बताया था कि यह एक पैशनेट अफेयर था, जो 3 साल तक चला। लेकिन फिर कुछ वजह से हमदोनों अलग हो गए। इसके बाद उनके जीवन में आए भारतीय क्रिकेटर नवाब पटौदी। सिमी ग्रेवाल और मंसूर अली खान पटौदी के लव अफेयर के चर्चे, क्रिकेट गलियारों से बॉलीवुड गलियारों तक होते रहे। दोनों एक-दूसरे के प्यार में इतने पागल हो गए थे कि, ज्यादातर वक्त साथ बिताते थे। यहां तक कि पब्लिक इवेंट से लेकर ऑफ डोर शूट तक, दोनों साथ ही नजर आते थे। बताया जाता है कि नवाब पटौदी सिमी को लेकर काफी सीरियस थे और वह अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे। शायद इसलिए सिमी को अपने घरवालों से मिलाने का फैसला भी कर चुके थे। लेकिन इसी बीच मंसूर अली पटौदी की मुलाकात शर्मिला टैगोर से हो गई और धीरे-धीरे सिमी और मंसूर के रास्ते अलग हो गए। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो करीब 2 साल तक इनका रिश्ता चला था, फिर नवाब पटौदी ने शर्मिला टैगोर से शादी कर ली और सिमी ग्रेवाल भी खामोशी से उनसे अलग हो गईं।
इसके बाद उनकी जिंदगी में आया वह शख्स, जो उनका जीवन साथी बना। जब क्रिकेटर मंसूर से ब्रेकअप हुआ तो दिल्ली के चुन्नामल घराने के रवि मोहन से सिमी ने शादी कर ली। हालांकि, सिमी ग्रेवाल और रवि मोहन की शादी महज 03 साल ही चल पाई, ये रिश्ता भी टूट गया। लेकिन दोनों ने तलाक 10 साल बाद लिया। सिमी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि, रवि मोहन एक अच्छे इंसान थे, हम दोनों एक दूसरे के लिए वफादार थे, लेकिन ईश्वर ने हम दोनों को एकदूसरे के लिए बनाया ही नहीं था। इसके बाद सिमी का नाम जुड़ा, एक पाकिस्तानी बिजनेसमेन सलमान तासीर के साथ। आगे चलकर सलमान तासीर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर भी बने। लेकिन इस रिश्ते को कोई नाम नहीं दिया जा सका और दोनों अलग हो गए। तब सिमी ग्रेवाल ने मशहूर बिज़नेसमैन रतन टाटा को डेट करना शुरू कर दिया। एक इंटरव्यू के दौरान एक्ट्रेस ने इस बात का खुलासा किया कि, रतन टाटा और उनके बीच, एकसमय काफी अच्छी बॉन्डिंग थी।
वर्तमान में इस खूबसूरत और बिंदास अभिनेत्री के पास न पैसे की कमी है, ना शोहरत की। 75 वर्षीय सिमी ग्रेवाल के पास सब कुछ है, अगर कुछ नहीं है तो औलाद का सुख नहीं है। आज भी सिमी को बच्चा ना होने का अफसोस रहता है। फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में एक्ट्रेस ने बताया था, ‘मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा अफसोस है कि मेरा कोई बच्चा नहीं है। मैं एक बेटी गोद लेने वाली थी, सब कुछ फाइनल हो गया था। मैं एक अनाथालय गई जहां एक बच्ची मिली, उसके घरवालों ने रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया था। तब नियम के हिसाब से मुझे उसकी फोटो न्यूजपेपर में छपवानी पड़ी। जिसके बाद तीन महीने तक किसी ने बच्चे की सुध नहीं ली। लेकिन जैसे ही मुझे उसकी कस्टडी मिलने वाली थी, बच्ची के माता-पिता सामने आ गए और मेरा दिल टूट गया।
वैसे तो सिमी ने 50 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है और 100 से ज्यादा अवार्ड अपने नाम किए हैं। लेकिन उनके फिल्मी करियर की सबसे ज्यादा लोकप्रिय फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ और ‘सिद्धार्थ’ ही रहे हैं। सिमी ने बॉलीवुड को अलविदा कह दिया और अपने टॉक शो ‘रेंडेजवस विद सिमी ग्रेवाल’ से अपनी खास पहचान बनाई।
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