सिर्फ हीरो ही नहीं! हिंदी फिल्म के इतिहास में एक अभिनेत्री भी ऐसी रही हैं, जो जुबली गर्ल के नाम से जानी गईं। उनकी फिल्मों ने जो इतिहास रचा, उसे बॉक्स ऑफिस पर तोड़ने में बॉलीवुड को पूरे 32 साल तक इंतजार करना पड़ा।

खबरों के खिलाड़ी। बॉलीवुड के जुबली स्टार की बात करें तो जो नाम जुबान पर सबसे पहले आता है, वह नाम है राजेंद्र कुमार का। उनकी फिल्मों के लिए कहा जाता था कि वह जो भी करते थे, वो सिल्वर जुबली जरूर मनाती थी। हालांकि, राजेन्द्र कुमार तो मेल एक्टर थे। लेकिन हिंदी फिल्म के इतिहास में एक एक्ट्रेस भी ऐसी रही हैं, जो जुबली गर्ल के नाम से जानी गईं। जुबली गर्ल के नाम से विख्यात, इस एक्ट्रेस का नाम था मुमताज शांति। जिन्होंने अपने फिल्मी करियर में एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। तो आईये, जुबली गर्ल मुमताज शांति की कहानी शुरू करते हैं।
ये कहानी बंटवारे के दौर से भी पहले की है। जब हिंदी फिल्मों में एक एक्ट्रेस हुआ करती थीं मुमताज शांति। जिन्हें हिंदी सिनेमा में जुबली गर्ल का नाम दिया गया था। ये बात चालीस के दशक के आसपास की होगी, जब मुमताज शांति की खूबसूरती और एक्टिंग का कोई मुकाबला नहीं था। मुमताज शांति ने पंजाबी फिल्मों से सिने-इंड्स्ट्री में कदम रखा था। उनकी पहली फिल्म थी सोहनी कुमारन और उनकी दूसरी पंजाबी फिल्म थी मंगती। जो वर्ष 1942 में रिलीज हुई थी और इस फिल्म ने डायमंड जुबली मनाई थी। इसके बाद मुमताज शांति का नाम पंजाबी फिल्मों की सुपरस्टार के तौर पर लिया जाने लगा था। तब पंजाबी फिल्मों में नाम कमाने के बाद, मुमताज शांति ने हिंदी फिल्मों का रुख किया।
मुमताज शांति की पहली हिंदी फिल्म थी बसंत। ये फिल्म भी जुबली हिट रही थी और इस फिल्म में अभिनेत्री मधुबाला भी नजर आईं थीं। ये फिल्म तकरीबन 76 हफ्ते तक थियेटर्स में रही थी। इसके बाद वर्ष 1943 में मुमताज शांति, अशोक कुमार के साथ फिल्म किस्मत में नजर आईं। किस्मत फिल्म को देश की पहली ब्लॉकबस्टर मूवी माना जाता है, जिसने उस दौर में एक करोड़ रु. की कमाई की थी। ये फिल्म लगातार तीन साल सिनेमा हॉल में लगी रही और 32 साल बाद इस फ़िल्म का रिकॉर्ड, रमेश सिप्पी की फ़िल्म शोले ने तोड़ा था। जो कोलकाता के मिनर्वा थियेटर में 05 सालों तक चली थी।
मुमताज शांति ने इसके बाद कई ब्लॉकबस्टर हिंदी फिल्में दीं। फिर एक दौर आया, जब मुमताज शांति ने डायरेक्टर और राइटर “वाली साहब” से शादी की और भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद, वह पति के साथ पाकिस्तान चली गईं। वर्ष 1977 में पति की मौत हो गई और 1994 में खुद मुमताज शांति भी चल बसीं। लेकिन आज भी मुमताज शांति के जुबली गर्ल वाले टैग को, हिंदी सिनेमा में कोई अभिनेत्री टक्कर नहीं दे पाई। बता दें कि, मुमताज शांति का करियर 1940 और 1950 के दशक की शुरुआत में चरम पर था, जब उन्होंने बसंत, किस्मत, बदलती दुनिया और घर की इज्जत जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्में की। तो ये थी, हिंदी सिनेमा की जुबली गर्ल अभिनेत्री मुमताज शांति की कहानी।
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