विधान सभा चुनाव से पहले भरे जाएंगे 2.11 लाख पद
खबरों के खिलाड़ी / पटना । बिहार मे एक बार फिर नौकरियों की भरमार लगने वाली है । सुशासन बाबू की सरकार ने विभिन्न संवर्गों में 2.11 लाख से अधिक पदों पर भर्ती के लिए रिक्तियों की सूची संबंधित आयोगों को भेज दी है, इसमें सबसे अधिक नियुक्ति स्कूली शिक्षकों की होनी वाली है। अब चरणवार इन पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किये जायेंगे। इसके साथ ही, 2.80 लाख और पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना की प्रक्रिया भी जारी है। कुल मिलाकर पांच लाख पदों पर बहाली की प्रक्रिया अगले साल बिहार विधानसभा चुनाव के पहले पूरी कर ली जायेगी।
बीपीएससी को सरकार ने 1,34,572 शिक्षक पदों की अधियाचना उपलब्ध करा दी है।अगले कुछ महीनों में इसके लिए विज्ञापन जारी किये जायेंगे। इसी प्रकार कॉलेज और विवि के शिक्षकों के 4,261 पदों को भरे जाने की जिम्मेवारी राज्य विवि सेवा आयोग को दी गयी है। स्वास्थ्य महकमे में 12,169 पदों पर नियुक्ति होनी है। इसमें डॉक्टरों के 1,394 पदों पर भर्ती के लिए बीपीएससी को जिम्मेवारी सौंपी गयी है। जबकि लिपिक संवर्ग के 69 पदों के लिए राज्य कर्मचारी चयन आयोग और तकनीकी पदों के लिए तकनीकी सेवा आयोग को अधियाचना भेजी गयी है. दारोगा के 1,339 पदों पर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग बहाली करेगा। वहीं सिपाही के 21,391 पदों को भरे जाने के लिए केंद्रीय चयन पर्षद को अधियाचना भेजी गयी है।
इसी प्रकार पंचायती राज विभाग के 4,070 के पदों के लिए राज्य कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी गयी है। इस विभाग के 168 पदों को बीपीएससी की ओर से भरा जायेगा। सामान्य प्रशासन में ही 3,125 पदों में बहाली के लिए बीपीएससी को 355 व 2,763 पदों के लिए कर्मचारी चयन आयोग को अधियाचना भेजी गयी है। श्रम संसाधन विभाग में अधिकारियों के 146 पदों के लिए बीपीएससी और कर्मियों के 588 पदों के लिए कर्मचारी चयन आयोग तथा 2,189 तकनीकी पदों के लिए तकनीकी सेवा आयोग को अधियाचना भेजी गयी है।
जानिए किस विभाग मे कितनी होनी है भर्ती
शिक्षा मे विभाग – 1,38,833,
भवन निर्माण -1,525
गृह -22,730
पीएचइडी -1,351
दारोगा -1,339
विज्ञान व प्रावैद्यिकी – 770
सिपाही – 21,391
परिवहन विभाग – 106
स्वास्थ्य – 12,169
अन्य पदों की बात करे तो सरकार ने उन्हे भी सृजित करने के आदेश के साथ ही भर्ती को निपक्ष और सुचारु बनाने के आदेश भी दिए है । आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है । बिपक्ष लगातार सरकार पर बेरोजगारी के मामलों मे घेरता है उसी को लेकर नीतीश सरकार ने यह फैसला लिया है ।