पीड़ित अधिवक्ता ने बताई आपबीती
इस मामले को लेकर पीड़ित अधिवक्ता शिव कुमार सिन्हा ने बताया कि VDA में मेरे फ्लैट के नामांतरण और कोर्ट के आदेश के बावजूद हमसे पैसे की मांग की जा रही थी और पैसा ना देने पर हमारा नाम ख़ारिज कर दिया। मेरा फ्लैट शास्त्रीय नगर आवासीय योजना में है। इस मामले को लेकर हमसे क्लर्क रवि ने कहा था कि बिना पैसे लिए बड़े शहब लोग काम नहीं करते हैं और इसे लेकर हम करीब 4 सालों से दौड़ भी रहे हैं। 4 साल के बाद थक हारकर मैंने पैसा देने के लिए रजामंदी कर दिया और फिर एंटी करप्शन दफ्तर से 4 -5 दिन पहले शिकायत किया और विधिक कार्यवाही की मांग की है।