खबरों के खिलाड़ी । यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विक्रांत मेस्सी की फिल्म “द साबरमती रिपोर्ट” देखी। आपको बात दे कि इस फिल्म को उत्तर प्रदेश ट्रैक्स फ्री कर दिया गया है। सीएम ने फिल्म को देखने के बाद कहा कि फिल्म के जरिए षड्यंत्रों का पर्दाफाश हुआ है। बात दे कि उन्होंने फिल्म अभिनेता विक्रांत मेस्सी और उनकी टीम को बधाई दी।

फिल्म देखने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मैं “द साबरमती रिपोर्ट” की पूरी टीम को बधाई देता हूं जिन्होंने इस सत्य के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए वास्तविक सत्य को देश की जनता को फिल्म के माध्यम से बाहर लाने का प्रयास किया है। फिल्म को हर भारतवासी को “द साबरमती रिपोर्ट” देखना चाहिए और सत्य के नजदीक जाने का प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ उन चेहरों को जो राजनीतिक स्वार्थ के लिए देश के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं। उन चेहरों को पहचानने के साथ-साथ उनका पर्दाफाश करने की भी आवश्यकता है। इस प्रकार के साहसिक कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए, लोग इस सत्य को अधिक से अधिक देखें इस दृष्टि से राज्य सरकार की ओर से हम इस फिल्म को टैक्स फ्री करेंगे।
फिल्म पर कॉंग्रेस पार्टी ने लगाया तथ्यों के साथ छेड़ छाड़ का आरोप
वही कांग्रेस प्रदेश अंशू अवस्थी ने कहा कि साबरमती फिल्म तथ्यों से खिलवाड़ है। भारतीय जनता पार्टी इस देश और प्रदेश के के युवाओं, किसानों आम आदमी के वर्तमान और भविष्य की चिंता ना कर सिर्फ तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर गुमराह करने की कोशिश कर रही है। समाज में विद्वेष फैलाने की कोशिश कर रही और जनता ने तो भाजपा को इसलिए चुना था कि वह बेरोजगारी दूर करेगी।
उन्होंने कहा कि जनता ने चुना था कि अपराध कम करेगी, भ्रष्टाचार कम करेगी, लेकिन भाजपा जनता से जुड़े मुद्दों पर फेल हो चुकी है। थानों तहसीलों में भ्रष्टाचार जमकर बढ़ गया है। 19 पेपर उत्तर प्रदेश में लीक हो गए। दलितों और महिलाओं पर अत्याचार बढ़ गया। इसलिए तथ्यों पर गुमराह कर समाज में विद्वेष फैलाकर जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती ।
2002 के गोधरा कांड पर आधारित है फिल्म
फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ विक्रांत मैसी की केंद्रीय भूमिका वाली यह फिल्म 27 फरवरी, 2002 के गोधरा ट्रेन अग्निकांड पर आधारित है। उस रोज गोधरा स्टेशन के पास खड़ी साबरमती एक्सप्रेस की बोगी नंबर S6 में आग लगा दी गई थी।अयोध्या से लौट रहे 59 हिंदू कारसेवक जिंदा जल गए थे। मरने वालों में 27 महिलाएं और 10 बच्चे भी शामिल थे। उसके बाद पूरे गुजरात में जो दंगा भड़का, वह आजाद भारत के सबसे भयावह दंगों में से एक था। पीएम मोदी उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे।