ख़बरों के खिलाड़ी/वाराणसी। धर्म-अध्यात्म,संस्कृति और शिक्षा की नगरी मानी जाने वाली वाराणसी में इस साल सैलानियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। यहां की अपनी महत्ता की को ध्यान में रखते हुए लोग पहुंचते हैं आनंद की अनुभूति करते है। साल की पहली छमाही में यहां पर 4 करोड़ से ज्यादा सैलानी पहुंचे है। जो पिछले कई सालों के रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा है।
4.61 करोड़ सैलानी पहुंचे वाराणसी

दुनिया की सबसे प्राचीन शहरों में से एक वाराणसी में स्थित विश्वनाथ मंदिर यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है। भगवान शंकर की इस नगरी में लोग देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। साल 2024 के जनवरी से लेकर जून तक के बीच में आने वाले सैलानियों की बात करें तो वाराणसी में कुल 4 करोड़ 61 लोग पहुंचे हैं। वहीं पिछले साल 2023 में यहां पहुंचने वाले कुल सैलानियों की संख्या 8.5 करोड़ के करीब थी।
गंगा किनारे बसे इस वाराणसी शहर को लेकर लोगों में आस्था और श्रद्धा देखने को मिलती है। बीते कुछ साल पहले ही काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बना है। जिसके बाद यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु काशी विश्वनाथ दर्शन करने के लिए पहुंच रहे है। इसके साथ ही हाल ही में बीते देव-दीपावली के अवसर पर भी काशी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे।
काशी विश्वनाथ, काल भैरव और संकट मोचन है मुख्य स्थान
काशी विश्वनाथ, काल भैरव, संकट मोचन समेत कई महत्वपूर्ण धर्म से जुड़े स्थान यहां पर हैं जहां श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते है। इसके साथ ही मोक्ष दायिनी गंगा में स्नान करने के लिए भी बड़ी संख्या में स्नानार्थी डुबकी लगाते हैं। इसके साथ-साथ काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की वजह से इस शहर को ज्ञान की नगरी भी मानते हैं। जिसके वजह से यहां पढ़ाई करने भी बड़ी संख्या में छात्र पहुंचते हैं। इसके अलावा वाराणसी से सटे यूपी और बिहार के कुछ जिलों के लोग यहां इलाज के लिए काफी तादात में आते हैं।
वाराणसी के सारनाथ में ही गौतम बुद्ध ने अपना उपदेश दिया था। जहां बड़ी संख्या में विदेशी और देशी पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही सारनाथ में बहुत सारे शोध करने वाले शोधार्थी भी पहुंच रहे हैं।
वाराणसी अयोध्या के बाद प्रदेश और देश का दूसरा सबसे ज्यादा सैलानी पहुंचने वाली जगह बन गई है। अयोध्या में शुरुआती 6 महीनों में ही 11 करोड़ श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे थे। वहीं पहली छमाही में उत्तर प्रदेश में करीब 33 करोड़ सैलानी पहुंचे थे। बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचने की वजह से उत्तर प्रदेश पिछले कई सालों से देश में पहले स्थान पर बना हुआ है।