खबरों के खिलाड़ी । बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानसभा उपचुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद ऐलान किया है कि उनकी पार्टी भविष्य में अब कोई भी उपचुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर की तरह चुनाव जीतने के लिए सत्ताधारी पार्टियां ईवीएम का दुरुपयोग कर फर्जी वोट डालवा रही हैं। उन्होंने कहा कि बसपा लोकसभा, विधानसभा और निकाय आम चुनाव ही लड़ेगी।
बसपा सुप्रीमो ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव में भी ईवीएम को लेकर काफी आवाजें उठाई जा रही हैं। लोकतंत्र के लिए यह खतरे की घंटी है। लोकसभा व विधानसभा आमचुनाव के साथ उपचुनावों में धांधली खुलकर की जा रही है। देश में फर्जी वोटों को डालने से रोकने के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग कोई सख्त कदम जब तक नहीं उठाता है, तब तक बसपा कोई भी उपचुनाव नहीं लड़ेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस, भाजपा व इनकी समर्थक सभी जातिवादी पार्टियां वर्ष 2007 में बसपा की यूपी में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद उसे केंद्र की सत्ता में आने सेरोकने की साजिश में जुट गईं। उन्हें लगा कि बसपा की केंद्र में सरकार बनने पर डा. भीमराव अंबेडकर व इनके अनुयायी कांशीराम का अधूरा रहा सपना साकार होगा। उन्होंने चंद्रशेखर का नाम लिए बिना कहा कि बसपा को रोकने के लिए इन पार्टियों ने दलित समाज में से बिकाऊ व स्वार्थी किस्म के लोगों के जरिये अनेकों पार्टियां बनवा दी हैं। जिनको चलाने और चुनाव लड़ाने आदि पर पूरा धन दिया जा रहा है।
आगे मायावती ने कहा कि दलित समाज के साथ साजिश हो रही है । ये विरोधी जातिवादी पार्टियां अपना खुद का वोट ट्रांसफर करवा के हर राज्य में इनके एक व दो सांसद-विधायक जितवा रही हैं। इस घातक प्रवृति को एससी, एसटी, ओबीसी व अकलियतों को आपस में मिलकर रोकना होगा। उन्होंने कहा कि समय की मांग भी यही है और सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय के लिए इसकी जरूरत भी है।