आपको बता दें कि हेतिमपुर गांव निवासी भोलेनाथ पाल नौगढ़ विकासखंड के खुटहड़ स्थित प्राथमिक विद्यालय में अध्यापक हैं। उनको एक बेटी और एक बेटा चार वर्षीय हर्षित था। दोपहर करीब एक बजे हर्षित अपने घर के बाहर द्वार पर खेल रहा था। इसी दौरान गुजर रहे बंदरों के झुंड ने उसे दौड़ा लिया। अपनी जान बचाते हुए मासूम अपने घर के दरवाजे की तरफ भागने लगा। वह अचानक अचेत होकर गिर गया। इसकी जानकारी होने पर मां नीलम और अन्य परिजन बच्चे को अचेत देख घबरा गए। परिजन आनन-फानन में उसे चकिया स्थित एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
बच्चे की मौत की जानकारी होने पर स्कूल से घर पहुंचे पिता भोलेनाथ पाल का रो रोकर हाल बेहाल रहा। वहीं आसपास के ग्रामीणों और पड़ोसियों की भीड़ जुट गई। बात दे कि बंदरों के आतंक क्षेत्र मे काफी बढ़ जाने से लोगों के बीच दहशत है ।