धोखाधड़ी के आरोपी को मिलीं अग्रिम जमानत

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ख़बरों के खिलाड़ी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (द्वितीय) की अदालत ने दोगुना पैसा देने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी को राहत दे दी। व्यासपुर, थाना कछवा (मिर्जापुर) निवासी रंजीत कुमार मौर्य उर्फ रणजीत सिंह को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की दशा में 50-50 हज़ार रुपये की दो जमानते एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता यशपाल यादव, महेंद्र कुमार सिंह व मुश्ताक आलम ने पक्ष रखा।

अभियोजन पक्ष के अनुसार व्यासपुर, थाना कछवा (मिर्जापुर) निवासिनी वादिनी मानती देवी ने थाना रोहनिया में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। आरोप था की उसकी क्रय शुदा जमीन ग्राम चकरपानपुर परगना कसवार राजा तहसील राजातालाब थाना मिर्जामुराद की ग्राम व्यासपुर थाना मिर्जापुर वाराणसी की ग्रा० व्यासपुर थाना कछवा मिर्जापुर निवासी रंजीत कुमार मौर्या अपनी मध्यस्थता में 8,0000 रु० उसको बहला फुसलाकर अपनी क०सी०जी एम॰डेवलोपर्स लि० एचओ-जी टी रोड पी. एन नगर नीयर मूलचन्द आ.टी.आई. टोडरपुर थाना रोहनिया में जमाकर देने पर 3 वर्ष में दूना 8 लाख का 16 लाख रु० मिलने का झांसा देकर उसकी जमीन विक्रय करवाकर वादिनी मुकदमा को एक भी पैसा नहीं दिये।

उसकी मेहनत मजदूरी का घर में 38000 रु० नगद भी उपरोक्त कंपनी से दोगुना दिलाने का झांसा देकर व उपरोक्त आरजी विक्रय का 800000 रु० सब मिलाकर टोटल 8,38,000 रु० 26 मई 2015 को जमा कर सीजेएम डेवलोपर्स लि० का उपरोक्त धन राशी का दो बान्ड वादिनी मुकदमा को दिये और बोले कि तीन वर्ष पूरा होने पर वादिनी मुकदमा उपरोक्त कंपनी से दो गुना 16,76,000 रु० मिलेगा तो वादिनी मुकदमा उसके झांसे में आकर पैसा जमा करने कि अनुमति दे दी थी। कारण कि वादिनी मुकदमा को अपनी पुत्री की शादी करनी थी 800000 रु० का एक बान्ड व 38000 रु० का अलग-अलग 12,000, 15000, 11000 रु० कंपनी तीन बान्ड शर्टीफिकेट दिये हैं।

तीन वर्ष पूरा हो जाने के बावजूद भी वादिनी मुकदमा को उसका पैसा दो गुना क्या मूलधन उपरोक्त भी नहीं दिये तगादा करने पर उपरोक रंजित कुमार अपने उपरोक कम्पनी कार्यालय में पैसे के लिए आने पर वादिनी मुकदमा को भद्दी-भद्दी गाली गुप्ता देते हुए जान से मरवा देने की धमकी दे रहे है।


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