खबरों के खिलाड़ी । संभल की जामा मस्जिद मामले में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने आदेश दिया कि मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट नहीं खुलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से कहा कि 8 जनवरी तक केस में कोई एक्शन न लें। शांति जरूरी है। संभल में रविवार, 24 नवंबर को मस्जिद में सर्वे के दौरान भड़की हिंसा में 4 युवकों की मौत हुई थी। संभल की चंदौसी कोर्ट ने हिंदू पक्ष की याचिका पर 19 नवंबर को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त करते हुए सर्वे का आदेश दिया था। हिंदू पक्ष का दावा है कि जामा मस्जिद हरिहर मंदिर है। गुरुवार को संभल की शाही जामा मस्जिद की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। CJI की बेंच में इस पर सुनवाई हुई।
बात दे कि स्थानीय कोर्ट के सर्वे के आदेश के खिलाफ जामा मस्जिद कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दे रखी है, जो कि अभी लंबित है। जिला सिविल कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद परिसर का सर्वे 19 और 24 नवंबर को किया गया था। इसके बाद शहर में दंगा भड़का था।आपको बात दे कि संभल में मुगल शासक बाबर के युग में बनी जामा मस्जिद पर इस बात को लेकर विवाद है कि यहां पहले ‘हरि हर मंदिर’ था, जहां पर मस्जिद का निर्माण कराया गया था।
हालांकि, इस दौरान कहा जाता है कि मुस्लिम समाज ने विरोध किया, और फिर पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प हो गई। नतीजा ये हुआ कि इसमें मुस्लिम समुदाय के चार लड़के मारे गए, जिसके बाद इलाके में तनाव बना हुआ है। हिंसा की यूपी पुलिस कर रही जांच उत्तर प्रदेश पुलिस हिंसा की जांच कर रही है और इस दौरान दर्जनों लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस का आरोप है कि हिंसा भड़काने में स्थानीय नेताओं का हाथ है, जिन्होंने कथित रूप से उकसावे वाली बयानबाजी की थी। हालांकि, इसको लेकर जांच चल रही है और अभी कुछ स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है।