अन्य देशों के मॉडल का अध्ययन
रिपोर्ट के अनुसार, समिति ने एकसमान चुनावों के मुद्दे पर काम करते हुए अन्य देशों की चुनावी प्रक्रियाओं का तुलनात्मक विश्लेषण किया। इसका उद्देश्य निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं को अपनाना था।
दक्षिण अफ्रीका की चुनाव प्रक्रिया
दक्षिण अफ्रीका में, राष्ट्रीय विधानसभा और प्रांतीय विधानसभाओं के चुनाव एकसाथ होते हैं। हालांकि, नगरपालिका चुनाव अलग से पांच साल के चक्र में आयोजित किए जाते हैं। 29 मई, 2024 को दक्षिण अफ्रीका में नई राष्ट्रीय विधानसभा और प्रांतीय विधानसभाओं के लिए चुनाव होंगे।
स्वीडन में होता है ये प्रोसेस
स्वीडन में आनुपातिक चुनाव प्रणाली का पालन किया जाता है, जिसमें राजनीतिक दलों को उनके वोट प्रतिशत के आधार पर सीटें दी जाती हैं। वहां संसद (रिक्सडैग), काउंटी काउंसिल और म्यूनिसिपल काउंसिल के चुनाव एकसाथ होते हैं। ये चुनाव हर चार साल में सितंबर के दूसरे रविवार को आयोजित किए जाते हैं।
जापान-जर्मनी का प्रोसेस
समिति के सदस्य सुभाष सी कश्यप ने जर्मनी के मॉडल की सराहना की। उन्होंने वहां के ‘संविधानात्मक अविश्वास प्रस्ताव’ और चांसलर की नियुक्ति की प्रक्रिया को अपनाने का सुझाव दिया। इसी प्रकार जापान में नेशनल डाइट प्रधानमंत्री का चयन करती है, जिसे बाद में सम्राट द्वारा स्वीकार किया जाता है।
इंडोनेशिया में 2019 से हो रहा है ‘वन नेशन वन इलेक्शन’
इंडोनेशिया में 2019 से एकसमान चुनाव हो रहे हैं। यहां राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और राष्ट्रीय तथा क्षेत्रीय विधायिका के सदस्यों का चुनाव एक ही दिन होता है। मतदाता गुप्त मतदान करते हैं और उंगलियों पर स्याही लगाई जाती है ताकि दोबारा वोट न डाला जा सके। फरवरी 2024 में, इंडोनेशिया ने सफलतापूर्वक एकसमान चुनाव कराए, जिसमें लगभग 20 करोड़ लोगों ने पांच स्तरों के लिए मतदान किया। कोविंद पैनल ने अपनी रिपोर्ट में भारत में एकसमान चुनाव लागू करने की प्रक्रिया को व्यवहार्य और प्रभावी बताया है। पैनल का मानना है कि इससे न केवल चुनावी खर्च में कमी आएगी बल्कि प्रशासनिक और राजनीतिक स्थिरता भी सुनिश्चित होगी।