Bihar Vidhan Sabha: बिहार विधानसभा का मानसून सत्र इस बार पूरी तरह से विवादों और हंगामे की भेंट चढ़ता दिख रहा है। सत्र के दूसरे दिन, विपक्षी दलों ने राज्य में चल रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) अभियान को लेकर जमकर हंगामा किया। सदन में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि विपक्षी विधायक वेल तक आ गए और मार्शलों से धक्का-मुक्की करने लगे।
विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने बार-बार विपक्षी सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन वे वोटर लिस्ट से नाम कटने की आशंका पर चर्चा की मांग पर अड़े रहे। विपक्ष के तीखे तेवरों के बीच, राजद विधायक सतीश कुमार टेबल पर चढ़कर नारेबाज़ी करने लगे, जिन्हें मार्शल्स ने बाद में जबरन नीचे उतारा।
स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख, विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही करीब 20 मिनट बाद ही 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
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तेजस्वी यादव का तीखा हमला
दूसरी पाली में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने फिर से इस मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए कहा –
“विधेयक तो आते रहेंगे, लेकिन अगर हमारे वोटर के नाम ही वोटर लिस्ट से कट जाएंगे तो फिर हम क्या करेंगे? ये लोकतंत्र का सबसे बड़ा मंदिर है, अगर यहां चर्चा नहीं होगी तो कहां होगी?”
विधानसभा अध्यक्ष ने जवाब दिया कि विपक्ष यदि शांतिपूर्वक अपनी बात कहता तो वह सुनने को तैयार थे, लेकिन हंगामा कर के वेल में आना अनुचित है। इसके बाद चर्चा कराने से मना कर दिया गया और कार्यवाही को आगे बढ़ा दिया गया। लगातार विरोध के चलते कार्यवाही को 23 जुलाई की सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
कई अहम विधेयक भी हुए पेश
विधानसभा (Bihar Vidhan Sabha) में हंगामे के बीच सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण विधेयक भी पेश किए गए, जिनमें शामिल हैं-
- धार्मिक न्यास संशोधन विधेयक 2025
- बिहार मॉल सेवा कर प्रथम संशोधन विधेयक 2025
- बिहार नगर पालिका संशोधन विधेयक 2025
- बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त संशोधन विधेयक 2025
- बिहार कृषि भूमि संशोधन विधेयक 2025
- बिहार भूमिगत पाइपलाइन संशोधन विधेयक 2025
- इन विधेयकों पर चर्चा आगामी कार्यवाही में की जाएगी।
मानसून सत्र की समयसीमा
बिहार विधानसभा (Bihar Vidhan Sabha) में वोटर लिस्ट को लेकर हंगामा, टेबल पर चढ़े विधायक, मार्शल से धक्का-मुक्की के बाद कार्यवाही स्थगित का यह मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हुआ है और 25 जुलाई तक चलने वाला है। हालांकि अब तक की कार्यवाही में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखे टकराव का ही वर्चस्व रहा है।