
Operation Mahadev: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने सोमवार को आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए तीन खूंखार आतंकियों को ढेर कर दिया है। इनमें पहलगाम आतंकी हमले का मास्टरमाइंड ‘मूसा’ भी शामिल है। इस विशेष ऑपरेशन को “ऑपरेशन महादेव” नाम दिया गया, जिसे भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
यह मुठभेड़ श्रीनगर के लिडवास फॉरेस्ट एरिया में हुई, जहां खुफिया सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने रविवार रात से ही घेराबंदी शुरू कर दी थी। सोमवार सुबह जैसे ही आतंकियों की मौजूदगी की कन्फर्मेशन हुई, सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और भारी गोलीबारी के बाद तीन आतंकियों को मार गिराया गया।
क्यों रखा गया कोड नेम “ऑपरेशन महादेव”?
- इस ऑपरेशन को ‘महादेव’ नाम देना सिर्फ सामरिक नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी बहुत खास है। दरअसल, श्रीनगर के न्यू थीड क्षेत्र के पास मौजूद महादेव पीक, जबरवान रेंज की एक पवित्र और सामरिक दृष्टि से अहम चोटी है।
- यह ट्रेकिंग का लोकप्रिय रूट है और आस्थावान लोगों के लिए महादेव चोटी बेहद पूज्यनीय मानी जाती है।
- यहां से लिडवास और मुलनार जैसे संवेदनशील इलाकों पर सीधा नजर रखा जा सकता है, जो रणनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।
- साथ ही, इस समय सावन का पवित्र महीना भी चल रहा है, जब हजारों श्रद्धालु अमरनाथ यात्रा पर निकलते हैं। ऐसे में भगवान शिव (महादेव) के नाम से जुड़े इस ऑपरेशन का नाम सुरक्षा बलों के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बन गया है।
ऑपरेशन की शुरुआत: चिनार कोर की जानकारी
भारतीय सेना की चिनार कोर ने सोशल मीडिया पर ऑपरेशन की जानकारी साझा करते हुए बताया कि,
“आतंकियों के साथ पहला संपर्क 28 जुलाई को लिडवास के जनरल एरिया में हुआ।” इसके बाद हरवान के मुलनार इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया।
मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने क्षेत्र को पूरी तरह घेरकर आतंकियों को आत्मसमर्पण का मौका दिया, लेकिन लगातार गोलीबारी के चलते तीनों आतंकी मारे गए। इनमें सबसे खतरनाक नाम ‘मूसा’ का है, जो पहलगाम हमले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
पहलगाम हमला: 26 बेगुनाहों की दर्दनाक हत्या
बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी। यह हमला खासतौर पर पाकिस्तानी आतंकियों द्वारा धर्म पूछकर पर्यटकों को मारने की घटना के रूप में सामने आया था, जिसने देशभर को झकझोर दिया था।
इसके बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई में “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया और पाकिस्तान तथा PoK (पाक अधिकृत कश्मीर) में आतंकियों के 9 ठिकानों को ध्वस्त किया था।
एक्शन में भारत
- “ऑपरेशन महादेव” एक बार फिर दर्शाता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ किसी भी स्तर की नरमी नहीं बरतेगा।
- तीनों आतंकियों के मारे जाने के बाद इलाके में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तलाशी अभियान अब भी जारी है।
- श्रीनगर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा हाई अलर्ट पर है और अमरनाथ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी अतिरिक्त बंदोबस्त किए गए हैं।
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