
Chandauli News: चंदौली जिले के कलेक्ट्रेट परिसर में मंगलवार को जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने पूर्व सैनिकों के साथ सीधी बातचीत की। यह संवाद न केवल एक प्रशासनिक औपचारिकता था, बल्कि उन वीर सपूतों के सम्मान और समस्याओं को समझने का प्रामाणिक प्रयास था, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने जीवन का एक बड़ा हिस्सा समर्पित किया है।
स्वास्थ्य से लेकर जमीन विवाद तक परेशान पूर्व सैनिक
बैठक में मौजूद पूर्व सैनिकों ने स्वास्थ्य, पेंशन, सुरक्षा, बैंक लोन, भूमि विवाद और सरकारी योजनाओं से वंचित रहने जैसी कई समस्याओं को उठाया। कैप्टन एसएन गुप्ता ने कहा- हमने देश के लिए गोलियां खाई हैं, लेकिन अब अपने ही घर के रास्ते के लिए लड़ना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक तंत्र और पुलिस विभाग पूर्व सैनिकों के मामलों में उदासीन रवैया अपनाते हैं, जिससे असहाय महसूस होता है।
कैंटीन सेवा बंद, अब वाराणसी की दौड़
पूर्व सैनिक अशोक सिंह ने कहा कि पहले चंदौली में मोबाइल कैंटीन सेवा उपलब्ध थी, जिससे रियायती दरों पर आवश्यक वस्तुएं मिल जाती थीं। अब वह सेवा बंद हो चुकी है, और उन्हें अब इसके लिए वाराणसी जाना पड़ता है। यह वरिष्ठ पूर्व सैनिकों के लिए एक मानसिक और शारीरिक कष्ट का विषय है।
भूमि विवादों में बढ़ती मनमानी
पूर्व सैनिकों ने आरोप लगाया कि कई बार राजस्व और पुलिस विभाग के कर्मचारी मनमानी करते हैं, और उन्हें एक आम नागरिक की तरह ट्रीट किया जाता है, न कि एक पूर्व सैनिक के रूप में। उन्होंने कहा कि- सम्मान की बात तो दूर, हमें अपनी ज़मीन के लिए भी अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ते हैं।”
DM ने सुनी हर बात
जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने व्यक्तिगत रूप से प्रत्येक पूर्व सैनिक की समस्या को गंभीरता से सुना और सभी मामलों के जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का वादा किया।