
Chandauli News (Naugarh): काशी वन्य जीव प्रभाग की जयमोहनी रेंज में बुधवार की शाम आरक्षित वन क्षेत्र भैसौड़ा वन ब्लाक कंपार्टमेंट-14 में ट्रैक्टर से जोताई की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची और ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय ले आने की कार्रवाई में जुट गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने टीम को घेर लिया। इसके बाद सरकारी वाहन पर डीजल डालकर जलाने का प्रयास करने लगे। टीम ने हालात बिगड़ते देख पुलिस को जानकारी दी। पुलिस के पहुंचते ही ग्रामीण भाग गए। थाना प्रभारी रमेश यादव ने बताया कि 27 नामजद सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
रेंज के वनाधिकारी मकसूद हुसैन, वन दारोगा वीरेन्द्र पांडेय व वन रक्षकों के साथ यहां पहुंचे थे। आरक्षित वन क्षेत्र में जोताई कर रहा भरदुआ गांव निवासी रामदेव अपना ट्रैक्टर छोड़कर घर भाग गया। टीम ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। देखते ही देखते गांव समेत समीप के विशेषरपुर गांव के ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंच गए।
वन टीम के अनुसार, महिला और पुरुष हाथों में ईंट पत्थर लिए थे। पुलिस पहुंची तो वन टीम ट्रैक्टर को रेंज कार्यालय में लाने लगी। कुछ दूरी पर महिलाएं ट्रैक्टर के सामने आ गईं और इस कार्रवाई का विरोध किया। इसके चलते टीम व पुलिस को मौके पर ट्रैक्टर छोड़ देना पड़ा। वन दारोगा की तहरीर पर पुलिस ने दोनों गांवों के 27 नामजद समेत कई अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू कर दी।
जंगल में कब्जे को लेकर जंग की कहानी है पुरानी
जयमोहनी रेंज में पहले भी अतिक्रमण रोकने व हटाने की कई घटनाएं हो चुकीं हैं। बीते 11 जुलाई को भी 25 अतिक्रमणकारियों के खिलाफ मुकदमा हुआ था। इससे पहले 2008 में डीएफओ परमात्मा प्रसाद वर्मा को महिलाओं ने दौड़ा लिया था और उन्हें चलती बस में छिपकर जान बचानी पड़ी थी।
एक अन्य घटना में तत्कालीन रेंजर कुंज मोहन वर्मा को महिलाओं ने पीटा और साड़ी पहना अपमानित कर दिया था। अतिक्रमण हटाने को अभी तक ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
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