
Bihar Election 2025: बिहार की राजनीति में नई हलचल और नेतृत्व परिवर्तन की मांग अब खुलकर सामने आने लगी है। स्टेट वाइब सर्वे के ताज़ा आंकड़े इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि बिहार के मतदाता अब नीतीश कुमार के चेहरे से आगे बढ़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) से नेतृत्व की उम्मीद कर रहे हैं। यही नहीं, सर्वे में एक ऐसा बदलाव देखने को मिला है, जो 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए की रणनीति को पूरी तरह बदल सकता है।
BJP को चाहिए अपना चेहरा
सर्वे के मुताबिक, 33.7% मतदाता चाहते हैं कि BJP इस बार नीतीश कुमार के बजाय अपने नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करे। इसके विपरीत, केवल 24.2% लोग मानते हैं कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही एनडीए को चुनाव में उतरना चाहिए। यानी साफ है – जनता अब “नीतीश मॉडल” से थक चुकी है और BJP नेतृत्व की मांग आम होती जा रही है।
नीतीश पर निर्भर क्यों है बीजेपी?
एक अहम तथ्य यह भी सामने आया है कि 23.1% वोटर मानते हैं कि नीतीश कुमार BJP की मजबूरी बन चुके हैं, क्योंकि उसके पास फिलहाल कोई स्पष्ट विकल्प नहीं है। हालांकि यह भी एक संकेत है कि BJP को अब नेतृत्व का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करना होगा, ताकि उसे “छोटे भाई” की छवि से बाहर निकाला जा सके।
OBC और अगड़ी जातियों से मिल रहा समर्थन
सर्वे डेटा के अनुसार, OBC वर्ग से 38%, सवर्ण वर्ग से 36%, SC से 30%, ST से 29% और 26% मुस्लिम मतदाता भी BJP नेतृत्व की मांग का समर्थन कर रहे हैं। बिहार में OBC और EBC की कुल आबादी लगभग 63% है, ऐसे में यह रुझान BJP के लिए राजनीतिक रूप से बेहद अहम संकेत है।
फिर भी नीतीश को कुछ वर्गों का है समर्थन
हालांकि, नीतीश कुमार को पूरी तरह नकारा नहीं गया है। कामकाज के आधार पर 38% ST वोटर, 27% SC और मुस्लिम वोटर, 24% अपर कास्ट वोटर, 21% OBC वर्ग अब भी उन्हें मुख्यमंत्री पद के योग्य मानते हैं। लेकिन ये संख्या फिलहाल उन्हें सर्वमान्य चेहरा नहीं बनाती।
तेजस्वी यादव अब भी लोकप्रियता में सबसे आगे
मुख्यमंत्री पद के लिए लोकप्रिय चेहरों की बात करें तो तेजस्वी यादव 32.1% मतदाताओं का समर्थन पाकर पहले स्थान पर हैं। BJP के लिए यह आंकड़ा चिंताजनक है, क्योंकि नीतीश के सामने तो ग्राफ ऊपर है, लेकिन तेजस्वी के सामने अब भी काफी फीका है।