190 सालों से प्रकृति की मार झेल रहा उत्तरकाशी! जानिए उत्तरकाशी में आई अब तक की 10 बड़ी आपदाएं

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Cloudburst in Uttarkashi

Cloudburst in Uttarkashi: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित धराली गांव और उसके आसपास के क्षेत्र एक बार फिर प्रकृति के कहर का शिकार बन गए हैं। 5 अगस्त 2025 को धराली में बादल फटने की घटना ने न केवल जान-माल की भारी क्षति पहुंचाई, बल्कि 2013 की केदारनाथ आपदा और 2021 की ऋषिगंगा त्रासदी की भयावह यादें भी ताजा कर दीं। पर क्या आप जानते हैं, उत्तरकाशी ने इससे पहले भी 9 बड़ी आपदाओं को झेला है।

190 सालों से आपदा की चपेट में उत्तरकाशी के गांव

उत्तरकाशी जिले के खिरो गार्ड, धराली, हर्षिल, बड़कोट, केदारगांव, माटलाड़ी और कर्बारी जैसे गांव वर्ष 1835 से लगातार प्राकृतिक आपदाओं की चपेट में रहे हैं। इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और लगातार बदलते मौसमीय पैटर्न इन्हें आपदा की दृष्टि से संवेदनशील बनाते हैं।

1835 में खिरो गार्ड में एक भीषण फ्लैश फ्लड आया था, जिसने इलाके को तबाह कर दिया। इसके बाद, 1980 के दशक में मलबे में दबे एक प्राचीन मंदिर की खोज ने इस क्षेत्र में इतिहास के साथ-साथ आपदा की निरंतरता को भी उजागर किया।

धराली में 2025 की त्रासदी ने मचाई तबाही

5 अगस्त 2025 की घटना में, तेज बारिश के चलते खिरगंगा नाले में आया पानी और मलबा कुछ ही क्षणों में पूरे धराली कस्बे को अपने आगोश में ले गया। बाजार, मकान, होटल, वाहन सबकुछ मलबे में तब्दील हो गया। अधिकारियों के अनुसार, तीन-चार मंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। इतना ही नहीं, यह बाढ़ केवल धराली तक सीमित नहीं रही। राज्य आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि सैलाब एक ही पहाड़ी की दो दिशाओं में बहा और आसपास के कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया।

उत्तरकाशी की 10 बड़ी आपदाएं

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सरकार और राहत एजेंसियों की सक्रियता

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर गहरा शोक जताया है और SDRF, NDRF, सेना समेत सभी राहत एजेंसियों को युद्धस्तर पर राहत कार्यों में लगाया गया है। गृह मंत्री अमित शाह ने भी मुख्यमंत्री से बात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

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