Voter ID Controversy: डिप्टी सीएम के दो वोटर आईडी, उम्र भी अलग! तेजस्वी के आरोप पर विजय सिन्हा की सफाई

Spread the love & Share it

Voter ID Controversy

Voter ID Controversy: बिहार में भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट को लेकर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पर एक नया आरोप लगाया है, जिसमें सीधे-सीधे राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का नाम जुड़ा है।

तेजस्वी ने दावा किया कि SIR के तहत जारी ड्राफ्ट रोल में विजय कुमार सिन्हा का नाम दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज है और उनके पास दो अलग EPIC कार्ड भी हैं। यही नहीं, दोनों कार्ड में उनकी उम्र भी अलग-अलग बताई गई है। इस मुद्दे को उन्होंने मीडिया के सामने विस्तार से रखा और कहा कि यह SIR में गड़बड़ी का स्पष्ट सबूत है।

तेजस्वी का आरोप- “एक ही व्यक्ति, दो वोटर आईडी, अलग-अलग उम्र”

प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने विजय सिन्हा के दोनों वोटर आईडी कार्ड के विवरण दिखाए और ऑनलाइन वेरिफिकेशन भी किया। उनके मुताबिक- पटना जिले के बूथ संख्या 405, क्रम संख्या 757 पर विजय कुमार सिन्हा का नाम दर्ज है। EPIC नंबर AFS0853341, उम्र 60 वर्ष।

लखीसराय जिले के बूथ संख्या 231, क्रम संख्या 274 पर भी उनका नाम शामिल है। EPIC नंबर IAF3939337, उम्र 57 वर्ष।

तेजस्वी ने कहा, जब मेरा मामला आया तो मीडिया ट्रायल हुआ। मैंने चुनाव आयोग को जवाब भी दिया, फिर भी नोटिस भेजा गया। अब सवाल है—क्या विजय कुमार सिन्हा को भी चुनाव आयोग नोटिस देगा? उन्हें तो दो जिलों से नोटिस मिलना चाहिए।

उन्होंने इसे SIR में बड़े “फर्जीवाड़े” का उदाहरण बताते हुए चुनाव आयोग पर भी सवाल खड़े किए।

विजय सिन्हा का बचाव

तेजस्वी के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मीडिया के सामने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि उन्होंने 30 अप्रैल 2024 को ही पटना से अपना नाम हटाने और लखीसराय में जोड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन दे दिया था।

उन्होंने कहा, पटना के बांकीपुर विधानसभा में मेरा नाम परिवार के साथ था। अप्रैल में ही नाम हटाने का आवेदन कर दिया था, लेकिन किसी कारणवश वह हट नहीं पाया। ड्राफ्ट लिस्ट में यह गलती सामने आई, तो 5 अगस्त को BLO को पुनः आवेदन दिया है।

उम्र के अंतर पर सफाई

दोनों वोटर आईडी में उम्र अलग होने पर विजय सिन्हा ने कहा कि उनकी उम्र प्रमाणपत्र के अनुसार है और इसे संशोधित करने के लिए उन्होंने आवेदन दे दिया है।

यह संशोधन का समय है, एक महीने का वक्त आयोग ने इसी कारण दिया है। तेजस्वी यादव को लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है, वे बार-बार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं।

ECI का बचाव

विजय सिन्हा ने कहा कि चुनाव आयोग की गलती तब मानी जाती, जब फाइनल वोटर लिस्ट में उनका नाम दो जगहों पर होता। उन्होंने विश्वास जताया कि यह तकनीकी त्रुटि जल्द ही सुधार दी जाएगी।

ALSO READ – बिहार वोटर लिस्ट से 65 लाख नाम गायब! सुप्रीम कोर्ट में ECI का बड़ा खुलासा


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *