
Rahul Gandhi Security Threat: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पुणे की विशेष सांसद/विधायक अदालत (MP/MLA Court) में एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक माहौल और उनके खिलाफ चल रहे मानहानि के मामले को देखते हुए उन्हें अपनी जान को गंभीर खतरा महसूस हो रहा है।
यह आवेदन 13 अगस्त को दायर किया गया था और यह मामला उनकी विनायक दामोदर सावरकर पर की गई टिप्पणी से जुड़ा है।
शिकायतकर्ता का गोडसे परिवार से रिश्ता
राहुल गांधी ने अदालत को बताया कि इस केस के शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर का नाथूराम गोडसे और गोपाल गोडसे से सीधा पारिवारिक संबंध है। इन दोनों का नाम महात्मा गांधी की हत्या के मुख्य आरोपियों में शामिल है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने अपने आवेदन में कहा- शिकायतकर्ता के वंश से जुड़ी हिंसक और संवैधानिक विरोधी प्रवृत्तियों का एक दस्तावेजीकृत इतिहास है, जिससे यह स्पष्ट और उचित आशंका है कि मुझे नुकसान पहुंचाने या झूठे आरोप में फंसाने की कोशिश हो सकती है।
सावरकर पर टिप्पणी और मानहानि केस
यह मानहानि मामला मार्च 2023 में राहुल गांधी के लंदन दौरे के दौरान दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने सावरकर की किताबों का हवाला देते हुए दावा किया था कि सावरकर और उनके साथियों ने एक मुस्लिम व्यक्ति को पीटा था। सत्यकी सावरकर ने इस बयान को झूठा, भ्रामक और मानहानिकारक बताते हुए आईपीसी की धारा 500 के तहत सजा और धारा 357 CrPC के तहत मुआवजे की मांग की है।
राजनीतिक बयान और विवाद
राहुल गांधी ने अपने आवेदन में हाल के राजनीतिक बयानों का भी जिक्र किया, जिनके चलते उनकी राजनीतिक दुश्मनी और बढ़ गई है। इसमें शामिल हैं- संसद में दिया गया बयान-
- एक सच्चा हिंदू कभी हिंसक नहीं होता, नफरत नहीं फैलाता। भाजपा नफरत और हिंसा फैलाती है और हिंदुओं का प्रतिनिधित्व नहीं करती।
- ‘वोट चोर सरकार’ का नारा (11 अगस्त को संसद में)
चुनावी गड़बड़ियों के आरोप
इन बयानों के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने उन पर हिंदू समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया, जबकि केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने उन्हें “देश का नंबर वन आतंकवादी” तक कहा।
सुरक्षा की मांग
राहुल गांधी ने अदालत से ‘रक्षात्मक सुरक्षा’ (protective security) देने और मामले की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या जैसी घटनाओं को दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर 2025 को निर्धारित है।
ALSO READ – Chirag Ka Chaupal: NDA में बढ़ी टेंशन! आखिर क्या है चिराग पासवान का सीक्रेट चौपाल प्लान?