
Varanasi News: बीएचयू में तेलुगु विभाग के प्रोफेसर ने विभागाध्यक्ष प्रो. सीएस रामचंद्र मूर्ति पर हमले की साजिश रची थी। प्रोफेसर ने पूर्व शोध छात्र के जरिये प्रयागराज के प्रमोद पासी की मदद से योजना बनाई। प्रमोद ने गाजीपुर के दो बदमाशों को बुलाकर विभागाध्यक्ष को बीएचयू परिसर में ही रॉड से पिटवाया था। इस हमले में विभागाध्यक्ष के दोनों हाथ टूट गए थे। विभागाध्यक्ष का लंबे समय तक ट्रॉमा सेंटर में इलाज भी चला था। पुलिस पूर्व शोध छात्र के करीब पहुंच गई है जो दक्षिण भारत का रहने वाला है।
पुलिस के अनुसार, आपसी मनमुटाव के चलते ही प्रोफेसर ने विभागाध्यक्ष को पिटवाया था। वहीं, प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी को लंका पुलिस ने मंगलवार रात 10 बजे नुआव में मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। बाएं पैर में गोली लगने से घायल गणेश को बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
बीएचयू के प्रोफेसर के इशारे पर पूर्व शोध छात्र के कहने पर गणेश पासी ने पूरी योजना बनाई। डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि गणेश से दोनों युवकों के बारे में पूछताछ की जा रही है। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार और लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा की टीम ने नुआव में आरोपी को घेरा तो बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में गणेश के पैर में गोली लगी। डीसीपी काशी गौरव बंशवाल ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
वहीं, बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान विभागाध्यक्ष प्रो सीएस रामचंद्र मूर्ति ने पुलिस को बयान में बताया था कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। हालांकि विभाग से मिले इनपुट और लंका थाने में दर्ज मुकदमे के आधार पर पुलिस ने गोपनीय जांच कराई। सर्विलांस और सीसी कैमरे से छानबीन की गई तो साजिश की जानकारी मिली।
लंका थाने की पुलिस और एसओजी 2 ने एक-एक कड़ी की जांच की तो विभाग के प्रोफेसर की साजिश खुलकर सामने आ गई। कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि तेलुगु विभाग के एक प्रोफेसर से विभागाध्यक्ष प्रो सीएस रामचंद्र मूर्ति की कहासुनी हुई थी। विभागाध्यक्ष की कुछ बातों से प्रोफेसर खासा नाराज थे और उन्हें सबक सिखाना चाह रहे थे।
इसी क्रम में प्रोफेसर ने तेलंगाना निवासी अपने पूर्व शोध छात्र से संपर्क साधा और प्रोफेसर मूर्ति पर हमले की योजना बनाई। पूर्व शोध छात्र ने प्रयागराज में रहने वाले अपने एक मित्र से संपर्क किया और विभागाध्यक्ष को पिटवाने के लिए दो बदमाशों को तलाशने के लिए कहा।
साजिश के तहत ही 28 जुलाई 2025 की सुबह प्रयागराज से दो बदमाश वाराणसी पहुंचे। बीएचयू कैंपस के बाहर ही बदमाशों को बाइक दी गई। बाइक सवार बदमाश बिरला छात्रावास चौराहे के पास जाकर खड़े हो गए। विभागाध्यक्ष छात्रावास के पास पहुंच गए और बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। स्टील के रॉड से विभागाध्यक्ष की बेरहमी से पिटाई कर दी और हाईवे से होकर भाग निकले। वारदात के बाद विभागाध्यक्ष को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। जांच के बाद पता चला था कि उनके दोनों हाथ जान-बूझकर तोड़े गए थे।
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