
Chandauli News: भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने गुरुवार को चंदौली में किसानों की समस्याओं और कृषि नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा निकाली। यह यात्रा गांव-गांव, कस्बों और मुख्य बाजारों से होते हुए विकास भवन परिसर तक पहुंची, जहां किसान नेताओं ने नायब तहसीलदार अंजनी कुमारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित 11 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा।
यात्रा में शामिल किसानों ने अमेरिका द्वारा भारतीय उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ का कड़ा विरोध किया। साथ ही, केंद्र सरकार की नीतियों को राज्यों के संघीय अधिकारों पर हमला बताते हुए कृषि के कॉरपोरेटीकरण का विरोध किया। किसान नेताओं का कहना था कि कॉरपोरेट के दबाव में बनाई जा रही नीतियां सीधे तौर पर छोटे और मध्यम किसानों के हितों के खिलाफ हैं।
मुख्य मांगें
मांगपत्र में सभी फसलों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार C-2 प्लस 50 प्रतिशत फॉर्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग की गई। इसके अलावा, किसानों ने कर्जमाफी की मांग करते हुए माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की अपील की। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि इन संस्थाओं के एजेंट सूदखोर जमींदारों की तरह बर्ताव कर रहे हैं और किसानों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।
डीजल वाहनों पर प्रतिबंध का विरोध
किसानों ने 10 वर्ष पुराने डीजल वाहनों और ट्रैक्टरों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले को अव्यावहारिक करार दिया। उनका कहना था कि यह कदम कॉरपोरेट कंपनियों के मुनाफे को बढ़ाएगा और गरीब किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालेगा।
गांवों में सहकारी समितियों की मांग
मांगपत्र में गांवों में उत्पादक सहकारी समितियों की स्थापना की मांग की गई, जो किसानों को बिना ब्याज कर्ज उपलब्ध करा सकें। साथ ही, कृषि क्षेत्र में किसानों की भागीदारी और स्वायत्तता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष सतीश सिंह, श्रवण मौर्या, रूपेंद्र सिंह, प्रभाकर मौर्या समेत कई किसान नेता मौजूद रहे। किसानों का कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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