
Assam Aadhaar ban: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में अब 18 साल से ऊपर की उम्र वाले लोगों का आधार कार्ड नहीं बनेगा। हालांकि, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और चाय बागान मजदूरों की कम्युनिटी को इसमें एक साल की छूट दी गई है। वे अगले साल तक आधार कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे।
अन्य जातियों और समुदायों के लोगों के पास इसके लिए केवल 30 सितंबर तक का समय है। यानी, अक्टूबर 2025 से उन्हें आधार कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।
विशेष परिस्थितियों में ही बनेगा आधार कार्ड
सीएम सरमा ने कहा कि अगर किसी बहुत ही खास और दुर्लभ परिस्थिति (rare and rarest case) में किसी को आधार कार्ड जारी करना पड़ा, तो उसकी जिम्मेदारी जिला कलेक्टर (DC) की होगी।
इससे पहले उन्हें पुलिस रिपोर्ट और फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट देखनी होगी। इसके बाद ही जिला कलेक्टर आधार कार्ड जारी कर सकेंगे।
क्यों लिया गया यह फैसला?
सीएम हिमंता ने इसके पीछे सुरक्षा और घुसपैठ रोकने का कारण बताया। उन्होंने कहा, हम लगातार बांग्लादेशी नागरिकों को सीमा से वापस भेज रहे हैं। हमें यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी गैर-कानूनी विदेशी नागरिक असम में आकर आधार कार्ड बनवाकर भारतीय नागरिक होने का दावा न कर सके। इसी वजह से यह कदम उठाया गया है।
सरमा का कहना है कि असम में आधार कवरेज पहले से ही लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में यह फैसला अवैध प्रवासियों (illegal immigrants) पर लगाम लगाने के लिए बेहद जरूरी था।
1 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम
यह नियम 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा। इसके बाद 18 साल से ऊपर के लोग सामान्य तरीके से आधार कार्ड नहीं बनवा सकेंगे।
SC, ST और चाय बागान मजदूर – एक साल तक और आवेदन कर सकेंगे।
अन्य जाति/समुदाय – केवल 30 सितंबर तक आवेदन का मौका, उसके बाद प्रक्रिया बंद।
विशेष परिस्थितियों में – DC, पुलिस और फॉरेनर्स ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट के बाद ही आधार जारी होगा।
पहले भी उठे थे सवाल
गौरतलब है कि बीते महीने बिहार में भी चुनाव आयोग ने नागरिकता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेजों की लिस्ट से आधार कार्ड को हटा दिया था। वजह यही बताई गई थी कि आधार कार्ड कई अवैध नागरिकों के पास भी मौजूद है।
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