
Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का माहौल अब गरमा चुका है। सभी सियासी दल वोटरों को साधने के लिए नई-नई रणनीतियां बना रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार (27 अगस्त) को बिहार की राजनीति का सियासी पारा तब और चढ़ गया जब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) अध्यक्ष एम. के. स्टालिन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव के साथ ‘वोटर अधिकार यात्रा’ में शामिल हुए।
लेकिन, बिहार में स्टालिन की एंट्री से पहले ही राजनीति में नया बवाल मच गया। तमिलनाडु BJP के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने एक पुराना वीडियो जारी कर स्टालिन और उनके सहयोगियों पर बिहार व उत्तर भारत के लोगों के खिलाफ कथित असभ्य टिप्पणियां करने का आरोप लगाया।
अन्नामलाई की सीधी चुनौती
BJP नेता अन्नामलाई ने तीखा हमला बोलते हुए कहा- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन आज बिहार की धरती पर हैं। लेकिन ये वही स्टालिन हैं, जिनकी पार्टी और सहयोगियों ने बिहार और उत्तर भारत के भाइयों-बहनों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। अगर उनमें हिम्मत है तो राहुल गांधी के साथ मंच पर आकर उन्हीं लोगों के सामने दोहराएं जिनका उन्होंने मजाक उड़ाया था।
अन्नामलाई द्वारा जारी वीडियो क्लिप में स्टालिन के अलावा उनके सहयोगी मंत्री टी. आर. बी. राजा, के. एन. नेहरू, वरिष्ठ DMK नेता के. पोनमुडी, आर. एस. भारती और सहयोगी पार्टी वीसीके (विदुथलाई चिरुथिगल काची) के नेता थोल तिरुमावलवन की कथित टिप्पणियां शामिल बताई जा रही हैं।
राहुल-प्रियंका की बाइक राइड ने खींचा ध्यान
‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान एक अनोखा नजारा भी देखने को मिला। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और RJD नेता तेजस्वी यादव बुधवार को मुजफ्फरपुर की सड़कों पर मोटरसाइकिल चलाते नजर आए। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा भी अपने भाई राहुल गांधी के पीछे बैठी दिखीं।
दरभंगा से मुजफ्फरपुर तक की इस यात्रा में जगह-जगह लोगों ने फूल-मालाओं और नारों के साथ उनका स्वागत किया। सड़क किनारे बड़ी संख्या में भीड़ जुटी रही।
कांग्रेस की रणनीति और सियासी संदेश
विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार की इस वोटर अधिकार यात्रा में DMK अध्यक्ष स्टालिन की मौजूदगी महागठबंधन की “एकता” का प्रदर्शन है। राहुल और प्रियंका गांधी जहां मुस्लिम और महिला वोटरों को साधने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं तेजस्वी यादव युवा और पिछड़े वर्गों में पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। स्टालिन की एंट्री को दक्षिण भारत और उत्तर भारत की सियासी गोलबंदी के रूप में भी देखा जा रहा है।
BJP ने साधा कांग्रेस-स्टालिन गठजोड़ पर निशाना
BJP ने इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस और DMK की “दोगली राजनीति” करार दिया है। पार्टी का कहना है कि जो नेता बिहारियों का मजाक उड़ाते रहे, आज वही चुनावी फायदे के लिए उन्हें गले लगाने बिहार आ गए हैं।
बिहार चुनाव 2025 के सियासी रण में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ अब एक बड़े नैरेटिव की तरह उभर रही है। राहुल, प्रियंका और तेजस्वी की जोड़ी ने पहले ही चर्चा बटोरी थी, अब स्टालिन की एंट्री से यह महागठबंधन और आक्रामक दिख रहा है। लेकिन, BJP के आरोपों ने कांग्रेस और DMK पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार के मतदाता इस सियासी जंग में किस नैरेटिव पर भरोसा करते हैं।
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