चंदौली जंक्शन पर बाल तस्करी का भंडाफोड़, सीमांचल एक्सप्रेस से 6 मासूमों को बचाया, आरोपी गिरफ्तार

Spread the love & Share it

Chandauli News

Chandauli News: डीडीयू जंक्शन पर सोमवार को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बाल तस्करी के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया। आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में टीम ने जोगबनी-आनंद विहार सीमांचल एक्सप्रेस से 6 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। ये सभी मासूम बच्चों को दिल्ली में जबरन मजदूरी कराने के लिए ले जाया जा रहा था।

आरपीएफ टीम प्लेटफॉर्म पर गश्त कर रही थी, तभी ट्रेन के जनरल कोच में डरे-सहमे बैठे छह बच्चे दिखाई दिए। उनके साथ एक संदिग्ध व्यक्ति भी मौजूद था। शक होने पर जब उससे पूछताछ की गई तो उसकी पहचान मोहम्मद मोसब्बिर आलम, निवासी अररिया (बिहार) के रूप में हुई।

खिलौना फैक्ट्री में काम करवाने ले जा रहा था आरोपी

जांच में सामने आया कि आरोपी इन बच्चों को दिल्ली की एक खिलौना फैक्ट्री में काम करवाने ले जा रहा था। बच्चों को बहलाकर यह वादा किया गया था कि वे 12 घंटे की ड्यूटी करेंगे और बदले में उन्हें 7 से 8 हजार रुपए महीना मिलेगा। मोसब्बिर ने उनका ट्रेन किराया और खाने-पीने का खर्च भी उठाया था ताकि बच्चों को शक न हो।

पूछताछ में बच्चों ने रोते हुए बताया कि उन्हें गरीबी और बेरोजगारी के चलते यह काम करने के लिए राजी होना पड़ा। लेकिन वे बेहद डरे हुए थे और यात्रा के दौरान किसी से बात भी नहीं कर पा रहे थे।

चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुपुर्द

आरपीएफ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंप दिया। वहीं, आरोपी मोहम्मद मोसब्बिर को मुगलसराय कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

इस पूरे ऑपरेशन में आरपीएफ के जवानों के साथ बचपन बचाओ आंदोलन की चंदा गुप्ता और चाइल्ड हेल्प डेस्क के सुजीत कुमार की अहम भूमिका रही। अधिकारियों ने कहा कि बाल तस्करी की हर गतिविधि पर सख्ती से नज़र रखी जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

ALSO READ – चंदौली में करंट से महिला की दर्दनाक मौत, स्कूल के पास टूटा था 11 हज़ार वोल्ट का तार


Spread the love & Share it

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *