
Chandauli News: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और स्वतंत्रता सेनानी पंडित कमलापति त्रिपाठी की 120वीं जयंती बुधवार को चंदौली में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस मौके पर जिलेभर से जुटे लोगों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया। कार्यक्रम में नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बुद्धिजीवियों ने पंडित जी के योगदान को याद करते हुए उन्हें चंदौली की आत्मा और किसानों की आवाज बताया।
पंडित जी का चंदौली से गहरा नाता
कार्यक्रम में पहुंचे उनके प्रपौत्र और पूर्व विधायक ललितेश त्रिपाठी ने कहा कि “पंडित जी ने कभी सामाजिक और मानवीय मूल्यों से समझौता नहीं किया। उनका जीवन चंदौली और यहां की जनता से गहराई से जुड़ा था।” उन्होंने आगे कहा कि जिला बनने से पहले भी चंदौली, पंडित जी की राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।
विकास की आधारशिला रखने वाले नेता
समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि चंदौली को आगे ले जाने का रास्ता पंडित जी की नीतियों से होकर गुजरता है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही क्षेत्र का संपूर्ण विकास संभव है।
पंडित कमलापति त्रिपाठी स्मृति सेवा संस्थान के संयोजक धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि चंदौली का कण-कण पंडित जी के योगदान का ऋणी है। “उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा की, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोज़गार की नींव डाली। उनकी वजह से ही चंदौली को धान का कटोरा कहा जाने लगा।”
शिक्षा से लेकर कृषि तक किया बड़ा काम
पंडित जी के कार्यकाल में जिले में नहर, विद्युत, बांध, कैनाल, इंटर कॉलेज, पॉलिटेक्निक, डिग्री कॉलेज और अस्पताल जैसी कई सुविधाओं का विकास हुआ। उन्होंने खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास किए, जिससे चंदौली प्रदेश का अग्रणी कृषि क्षेत्र बन सका।
जयंती कार्यक्रम में जुटे दिग्गज
जयंती कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी, देवेंद्र प्रताप सिंह, रामजी गुप्ता, बृजेश गुप्ता, डॉ. राजेश कुमार चौधरी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने पंडित जी के आदर्शों पर चलने और उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।
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