
Chandauli News: चंदौली की सियासत एक बार फिर गरम हो गई है। सपा के पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब उन्होंने फिर से अधिकारियों और सरकार दोनों को खुली चेतावनी दे दी है। उन्होंने कहा कि अगर कैनाल की मोटरें नहीं सुधारी गईं, तो अब सिर्फ अफसर ही नहीं बल्कि उनके आका भी चप्पल के निशाने पर होंगे। बता दें कुछ दिनों पहले ही वाटर कैनाल में पानी न छोड़े जाने से नाराज मनोज सिंह डब्लू ने अधिकारों को चेतावनी दी थी, जिसे लेकर उनपर मुकदमा दर्ज हुआ है।
78 हजार वोटरों की चप्पल है मेरे हाथ में
मीडिया से बातचीत में मनोज सिंह डब्लू ने कहा- मेरे हाथ की चप्पल कोई साधारण चप्पल नहीं है। यह सैयदराजा के 78 हजार वोटरों की ताकत है। अगर किसानों की फसल सूख रही है और अफसर आंख मूंदे बैठे हैं, तो अब जनता के धैर्य की परीक्षा न लें। पूर्व विधायक ने कहा कि वे किसानों के मुद्दे पर सौ मुकदमे झेलने और हजार बार जेल जाने को तैयार हैं, लेकिन अब चुप नहीं बैठेंगे।
ऊपर के आकाओं का आदेश है, तभी हुआ केस
मनोज सिंह ने दावा किया कि उन पर दर्ज केस पूरी तरह राजनीतिक साजिश है। उन्होंने सवाल उठाया — जब निरीक्षण के वक्त कोई सरकारी कर्मचारी मौजूद नहीं था, तो सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप कैसे लग गया? उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन ने “ऊपर के आकाओं के दबाव” में कार्रवाई की है।
कैनाल में चारों मोटरें जली, पाइप फटे – अधिकारी चुप बैठे
मनोज सिंह ने कहा कि कर्मनाशा नदी पर बने लिफ्ट कैनाल की हालत बेहद खराब है। चारों मोटरें जल चुकी हैं, पाइप फटे हैं, टैंक जर्जर हो चुका है। किसान तड़प रहा है और सिंचाई विभाग के अफसर ऑफिस की कुर्सी नहीं छोड़ते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस विषय पर आवाज उठाई, तो विभाग ने “सत्य छिपाने के लिए मुकदमा दर्ज कर दिया।
पूर्व विधायक ने दोहराया कि उनके हाथ की चप्पल किसानों की आवाज है। उन्होंने कहा यह चप्पल उन गरीब किसानों की है, जिनकी फसलें सूख रही हैं। अगर सरकार और अफसरों ने वक्त रहते पानी नहीं छोड़ा तो मजबूरी में यही चप्पल बोलेगी। अगर अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो वे स्वयं लिफ्ट कैनाल कार्यालय पहुंचकर आंदोलन करेंगे।
मुकदमे के बाद फिर से बिगड़े बोल
बता दें कि तीन दिन पहले मनोज सिंह डब्लू ने चारी गांव के पास कर्मनाशा नदी पर बने लिफ्ट कैनाल का निरीक्षण किया था। वहां मोटरें बंद देखकर उन्होंने विभाग को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था और चप्पल लहराते हुए कहा था – तीन दिन में पानी नहीं छोड़ा गया, तो चप्पल से बात होगी। उनका वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज कर लिया था। अब इसी केस के बाद उन्होंने नई चेतावनी दी है।
इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि वीडियो और शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है और जांच जारी है। चकिया थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने कहा कि कानून हाथ में लेने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती, चाहे वह पूर्व विधायक ही क्यों न हों।
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