
Varanasi News: ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सील किए गए वजूखाने के फटे कपड़े को अब बदला जाएगा। शुक्रवार, 24 अक्टूबर को इस मामले की सुनवाई वाराणसी जिला अदालत में हुई, जहां हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष (अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी) दोनों की सहमति के बाद कोर्ट ने कपड़ा बदलने की अनुमति दे दी। हालांकि, जिला जज संजीव शुक्ला ने साफ किया कि यह प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में ही पूरी की जाएगी।
कोर्ट में दोनों पक्षों ने जताई सहमति
जिला जज ने स्पष्ट किया कि वजूखाने की सील पर लगे कपड़े को बदलने से पहले सभी पक्षों की सहमति जरूरी है। अदालत में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के काउंसिल और हिंदू पक्ष (श्रृंगार गौरी पक्ष) की ओर से दलीलें पेश की गईं।
हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने बताया —
‘माननीय जिला जज ने दोनों पक्षों से पूछा कि क्या आप सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करेंगे या नहीं। इस पर हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने सहमति जताई। इसके बाद जज ने कहा कि कपड़ा बदलने में अब कोई आपत्ति नहीं है।’
अब अदालत ने अगली सुनवाई 29 अक्टूबर के लिए तय की है। इसी दिन तय होगा कि ज्ञानवापी वजूखाने का कपड़ा किस तारीख को बदला जाएगा।
डीएम वाराणसी होंगे कंट्रोलर
सुनवाई के दौरान जिला जज संजीव शुक्ला ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार वाराणसी के जिलाधिकारी (DM) को इस पूरे मामले का कंट्रोलर बनाया गया है। अब 29 अक्टूबर को DM वाराणसी, हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधियों को अदालत में बुलाया जाएगा। उसी दिन डेट कन्फर्म की जाएगी, और तय दिनांक पर सभी की मौजूदगी में कपड़ा बदला जाएगा।
बारिश से गल गया कपड़ा
सरकार की ओर से दाखिल की गई अर्जी में कहा गया था कि ज्ञानवापी के सील वजूखाने में लगा कपड़ा बारिश और नमी की वजह से गल गया है, जिससे सुरक्षा और सील की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है। अर्जी में आग्रह किया गया था कि कपड़ा बदलना अति आवश्यक है ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार वजूखाने की स्थिति सुरक्षित रखी जा सके।
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