
Yashoda Medicity Inaugurates: उत्तर प्रदेश और देश के लिए 26 अक्टूबर रविवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गाजियाबाद में अत्याधुनिक यशोदा मेडिसिटी का उद्घाटन किया। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- हम उस भारत की ओर बढ़ रहे हैं, जिसका सपना हमारे पूर्वजों ने देखा था, एक शक्तिशाली और स्वस्थ भारत का। जब हर नागरिक स्वस्थ होगा, तभी भारत सशक्त बनेगा।
2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन देखे हैं। पहले जहां गरीब व्यक्ति इलाज को लेकर चिंतित रहता था, आज स्वास्थ्य उसकी पहुँच और अधिकार बन चुका है। उन्होंने कहा कि देश 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में बढ़ रहा है और इस लक्ष्य को पाने के लिए हर नागरिक का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पहला रोबोटिक सर्जरी प्रशिक्षण केंद्र बनेगी यशोदा मेडिसिटी
रक्षा मंत्री ने बताया कि यशोदा मेडिसिटी को दक्षिण एशिया में रोबोटिक्स सर्जरी ट्रेनिंग सेंटर के रूप में मान्यता मिली है। उन्होंने कहा – यह उपलब्धि मेडिकल एजुकेशन और टेक्निकल रिसर्च को नई दिशा देगी। यशोदा मेडिसिटी आने वाले समय में नवाचार और तकनीक का केंद्र बनेगी।
राजनाथ सिंह ने अस्पताल के चेयरमैन डॉ. पी.एन. अरोड़ा की सराहना करते हुए कहा कि उनकी व्यक्तिगत पीड़ा ने इस महान संस्था को जन्म दिया। 1986 में अपनी मां को कैंसर से खोने के बाद उन्होंने ठान लिया था कि भविष्य में किसी और को इलाज के अभाव में पीड़ा न झेलनी पड़े।
गरीबों के लिए स्वास्थ्य अब अधिकार बन चुका है
रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था का चेहरा बदल गया है। पहले गरीब इलाज के लिए चिंतित रहता था, आज उसे स्वास्थ्य सेवाएं उसके दरवाजे तक मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 10 करोड़ परिवारों को हर वर्ष ₹5 लाख का मुफ्त बीमा कवच मिला है। साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को भी इस योजना में शामिल किया गया है, ताकि सरकार एक संरक्षक की तरह हर बुजुर्ग के साथ खड़ी रहे।
जन औषधि केंद्रों से गांव-गांव तक सस्ती दवा की सुविधा
राजनाथ सिंह ने कहा कि आज देशभर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों के जरिए सस्ती और प्रभावी जेनरिक मेडिसिन उपलब्ध कराई जा रही हैं। आज गांव-गांव में लोग इन केंद्रों से लाभान्वित हो रहे हैं। पहले जो दवाइयां महंगी थीं, अब वे सामान्य लोगों की पहुंच में हैं।
रक्षा मंत्री ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था में जबरदस्त सुधार हुआ है। उन्होंने कहा – 2014 में देश में 387 मेडिकल कॉलेज थे, जो आज बढ़कर 800 हो चुके हैं। एमबीबीएस की सीटें जो पहले 50 हजार थीं, अब 1 लाख 20 हजार से अधिक हो चुकी हैं। इसके अलावा, 22 नए एम्स संस्थानों की स्थापना की गई है, जिनमें से 12 पूरी क्षमता के साथ संचालित हैं और बाकी तेजी से निर्माणाधीन हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि यशोदा समूह स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्था आने वाले समय में न सिर्फ भारत बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में चिकित्सा नवाचार की नई परिभाषा गढ़ेगी। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आभार जताते हुए कहा कि उनके आगमन से अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। साथ ही, डॉ पी.एन. अरोड़ा, डॉ. उपासना अरोड़ा और पूरी टीम को उत्कृष्ट योगदान के लिए बधाई दी।
सभी ने यशोदा मेडिसिटी को भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत बताया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, और अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
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