
Varanasi News: सारनाथ थाना क्षेत्र में रविवार को पुलिस ने अवैध कॉल सेंटर पर छापा मारा। इस सेंटर में बेरोजगारों को नौकरी देने के नाम पर ठगी की जा रही थी। आईपीएस नीतू कात्यान के नेतृत्व में चलाए गए इस ऑपरेशन में मौके पर लगभग 50 लोग मिले, जिनमें ज्यादातर खुद इस स्कैम के शिकार थे। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो मुख्य आरोपी अभी भी फरार हैं।
कैसे चलता था स्कैम
एसीपी साइबर क्राइम ने बताया कि सूचना भारत सरकार के प्रतिबिंब पोर्टल से मिली थी। आरोप है कि सारनाथ क्षेत्र में आरआरएमवी नामक फेक कॉल सेंटर बेरोजगार युवकों-युवतियों को जॉब का झांसा देकर उनसे 10 से 50 हजार रुपये वसूला जाता था। इसके बाद पीड़ितों को मजबूर किया जाता था कि वे और लोगों को कॉल करके इसी तरह ठगी में शामिल करें।
एसीपी ने बताया कि इस रैकेट के दो मुख्य आरोपी रवि और रविंद्रन अभी फरार हैं। छापामारी में पकड़े गए लोग ज्यादातर खुद ठगी के शिकार थे। पीड़ितों में बलिया, बिहार, जौनपुर और आसपास के अन्य शहरों के युवक-युवतियां शामिल हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। पीड़ितों से बयान लिए जा रहे हैं और उनकी मदद से मामले के अन्य पहलुओं को उजागर किया जाएगा।