
Zepto Franchise Cyber Fraud: वाराणसी पुलिस की साइबर क्राइम टीम ने मशहूर कंपनियों के नाम पर ठगी करने वाले एक हाई-टेक गैंग का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह Zepto, Blinkit, Amul Dairy, Dhani Finance, Zudio जैसी कंपनियों के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस ने झारखंड के जमशेदपुर और बिहार के नालंदा से गैंग के सरगना समेत दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 14 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 3 सिम कार्ड, 2 वाई-फाई राउटर, फर्जी दस्तावेज और ₹54,500 नकद बरामद किए गए।
सोशल मीडिया पर चलाते थे फर्जी एड
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह सोशल मीडिया और सर्च इंजन पर फर्जी विज्ञापन चलाकर लोगों को जाल में फंसाता था। ठगों ने नामी कंपनियों की हूबहू वेबसाइट तैयार कर रखी थी और उन्हें Meta (Facebook) और Google पर प्रमोट करते थे। जब कोई व्यक्ति इन कंपनियों का नाम सर्च करता था, तो सबसे पहले यही फर्जी वेबसाइट दिखाई देती थी। इसी के जरिए ठग शिकारों से संपर्क साधते थे।
रोहनिया निवासी आयुष कुमार भी इन ठगों के झांसे में आ गए। ठगों ने फ्रेंचाइज़ी के नाम पर पीड़ित से ₹20.16 लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ था, तो 13 अगस्त 2025 को उन्होंने साइबर क्राइम में शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने सर्विलांस और डिजिटल फुटप्रिंट की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे करते थे ठगी
लोग वेबसाइट पर जाकर अपनी निजी जानकारी और संपर्क नंबर दर्ज करता था। डेटा सीधे ठगों के पास पहुंच जाता था। इसके बाद ये लोग खुद को कंपनी का अधिकारी बताकर कॉल करते थे। भरोसा दिलाने के लिए फर्जी इंटेंट लेटर, रजिस्ट्रेशन फॉर्म और इनवॉइस भेजते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी मनी या प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
झारखंड-बिहार के साइबर जालसाज गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शातनु कुमार (गैंग सरगना), निवासी जमशेदपुर, झारखंड, मूल रूप से नवादा, बिहार निवासी, और विकास कुमार, निवासी नवादा, बिहार, के रूप में हुई है। विकास पहले भी महाराष्ट्र में साइबर ठगी के मामले में जेल जा चुका है।
पुलिस ने ऐसे लगाया ठिकाने का पता
साइबर क्राइम टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और डिजिटल फूटप्रिंट ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों को ट्रेस किया। टीम ने अलग-अलग राज्यों में दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और खातों की जांच कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी।
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