
Chandauli News: डीएलएड परीक्षा पेपर लीक कांड में गिरफ्तार आरोपी दिवाकर अभिषेक यादव की असलियत अब सामने आ गई है। चकिया कस्बे के आदित्य नारायण राजकीय डिग्री कॉलेज से जुड़े इस मामले में पकड़े गए अभिषेक की आपराधिक प्रवृत्ति कोई नई नहीं है। सोमवार को एसटीएफ की गिरफ्तारी के बाद उसका आपराधिक चेहरा पूरी तरह बेनकाब हो गया।
शराब की दुकान से सट्टेबाजी तक का सफर
सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक यादव पहले शराब की दुकान पर सेल्समैन का काम करता था। धीरे-धीरे उसने ऑनलाइन सट्टेबाजी गेम में रुचि लेना शुरू किया और वहीं से उसकी जिंदगी अपराध के रास्ते पर मुड़ गई। पैसे और पहचान की लालच में उसने पेपर लीक रैकेट से हाथ मिला लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि अभिषेक शुरू से ही मनबढ़ और दबंग प्रवृत्ति का था। छोटी उम्र से ही गलत संगत में रहने के कारण वह अपराध की दुनिया में गहराई तक उतर गया। उसकी करतूतों से अब परिवार और गांव वाले भी शर्मिंदा हैं।
एसटीएफ की सटीक कार्रवाई
सोमवार को एसटीएफ टीम ने चकिया में आदित्य नारायण डिग्री कॉलेज के पास से उसे दबोच लिया। टीम को लंबे समय से इस मामले में अभिषेक की भूमिका की जानकारी मिल रही थी। जांच में यह सामने आया कि पेपर लीक की पूरी साजिश में अभिषेक की अहम भूमिका थी। वही पेपर लाने, साझा करने और छात्रों तक पहुंचाने का काम कर रहा था।
अभिषेक यादव, चकिया कोतवाली क्षेत्र के दिवाकरपुर पोरा गांव का रहने वाला है। उसके पिता नंदलाल यादव के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा विवेक यादव और छोटा अभिषेक। एसटीएफ मामले की तहकीकात में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस पेपर लीक नेटवर्क में कॉलेज के किसी कर्मचारी या बाहरी एजेंट की भी भूमिका रही है।
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