
Chandauli News: दीनदयाल उपाध्याय (DDU) जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गांधीधाम एक्सप्रेस ट्रेन से सात नाबालिग बाल मजदूरों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो इन बच्चों को बिहार से गुजरात लेकर जा रहे थे।
सूचना मिलते ही अलर्ट हुई RPF
RPF प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार रावत को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर नाबालिग बच्चों को गांधीधाम एक्सप्रेस के ज़रिए बाल मजदूरी के लिए गुजरात भेज रहे हैं। सूचना मिलते ही निरीक्षक रावत ने अपनी टीम के साथ स्टेशन पर सतर्कता बढ़ा दी। ट्रेन जैसे ही DDU स्टेशन पर पहुंची, RPF ने फौरन सभी कोचों की तलाशी अभियान शुरू किया।
बच्चों को देखकर दंग रह गए अधिकारी
तलाशी के दौरान एक कोच से सात डरे-सहमे नाबालिग बच्चे बरामद किए गए। पूछताछ में पता चला कि ये सभी बच्चे बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले हैं। बच्चों की उम्र 12 से 16 साल के बीच बताई जा रही है।
परिजनों को लालच देकर कर रहे थे तस्करी
RPF ने मौके से दो संदिग्धों – श्यामलाल और शिवम कुमार चौधरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे बच्चों के परिजनों को मोटी रकम का लालच देकर उन्हें गुजरात में काम दिलाने के बहाने ले जा रहे थे। प्रारंभिक जांच में यह मामला बाल तस्करी और जबरन मजदूरी से जुड़ा पाया गया है।
तस्करों के नेटवर्क की जांच जारी
RPF अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि गुजरात और बिहार में इनके संपर्कों की जांच की जा रही है। बच्चों को फिलहाल चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) की देखरेख में भेज दिया गया है।
बहादुर टीम को सराहना
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में RPF की टीम के सदस्य अश्वनी कुमार, शरद चंद, बृजेश सिंह, अवनीश कुमार, अशोक यादव, सतीश सिंह, सुरेश राय, चंदा गुप्ता और राधेश्याम शामिल रहे। RPF ने इसे बाल तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है।
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