
Dev Deepawali 2025: देव दीपावली के पावन अवसर पर काशी एक बार फिर दिव्यता और आस्था के सागर में डूब गई। गंगा तट पर बसे नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक लाखों दीपों की रौशनी ने पूरी धरती को मानो स्वर्ग बना दिया। पूरा वाराणसी शहर “हर हर महादेव” और “जय मां गंगे” के जयघोष से गूंज उठा। आइये देखते हैं काशी की भव्य देव दीपावली तस्वीरों की जुबानी…

इस वर्ष देव दीपावली पर लगभग 25 लाख दीयों से घाटों को सजाया गया। मां गंगा के तट पर दीपों की जगमगाहट देखते ही बन रही थी। गंगा की लहरों पर तैरते दीयों ने ऐसा मनमोहक दृश्य प्रस्तुत किया कि हर कोई मंत्रमुग्ध हो उठा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पहुंचकर विधि-विधान से मां गंगा और बाबा विश्वनाथ का पूजन-अर्चन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान घाट पर मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने ‘बुलडोजर बाबा जिंदाबाद’, ‘जय श्रीराम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे लगाते हुए माहौल को भक्तिमय बना दिया।

नमो घाट, गंगा महल घाट, रीवा कोठी, चेतसिंह किला, दरभंगा महल (वृज रमा पैलेस), मान मंदिर और कंगनवाली हवेली जैसे ऐतिहासिक भवनों को रंगीन विद्युत झालरों से सजाया गया था। गंगा के दोनों किनारे प्रकाश और संगीत के संगम से नहा उठे।

सीढ़ियों पर बैठे और नावों में सवार श्रद्धालु आरती के इस अद्भुत क्षण को अपने कैमरे में कैद करते रहे। घंटों और शंखों की ध्वनि के बीच जब दीयों की लौ गंगा की लहरों पर झिलमिलाई, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं देवता काशी में उतर आए हों।

इस बार की देव दीपावली ने न केवल काशी की सांस्कृतिक पहचान को पुनर्जीवित किया बल्कि भारत की आध्यात्मिक धरा पर एक बार फिर गंगा आरती की भव्यता का अमिट संदेश दिया।










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