
Chandauli News: चंदौली में एक अधिवक्ता की पिटाई मामले ने तूल पकड़ लिया है। सोमवार को संयुक्त बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने पुलिस लाइन में एसपी आदित्य लांग्हे से मुलाकात कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अधिवक्ताओं का आरोप है कि दो दिन पहले कस्बा स्थित इलाके में वकील अखिलेश तिवारी के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई से बच रही है।
अधिवक्ताओं ने एसपी से मुलाकात के दौरान कहा कि मारपीट में शामिल एक आरोपी सत्ता पक्ष के विधायक का रिश्तेदार है। इसी कारण, पुलिस पर विधायक का दबाव बना हुआ है, और उसी के चलते गिरफ्तारी में देरी की जा रही है। वकीलों ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा विधायक ने मामले में हस्तक्षेप करना बंद नहीं किया तो प्रदेशभर का सिविल बार एसोसिएशन आंदोलन करेगा और विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलेगा।
क्या था पूरा मामला
7 नवंबर की देर शाम सदर कोतवाली क्षेत्र के स्थानिक कस्बा में एक लग्जरी कार सवार छह युवकों ने अधिवक्ता अखिलेश तिवारी पर हमला कर दिया था। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने सामान्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया, जबकि हमले में घायल वकील को वाराणसी ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। इसी के विरोध में सोमवार को संयुक्त बार के अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिला और सख्त कार्रवाई की मांग की।
क्या बोले अधिवक्ता
सिविल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा, हमने एसपी से पूरा मामला रखा है। उन्होंने सदर कोतवाल को तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके आपराधिक इतिहास की जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं पूर्व अध्यक्ष चंद्रभान सिंह ने कहा, “हमारे पास जानकारी है कि हमले में शामिल एक आरोपी जायसवाल समुदाय से है, और सत्ता पक्ष के विधायक भी उसी समुदाय के हैं। विधायक आरोपी को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव बना रहे हैं।
इस दौरान संतोष पाठक, रवि सिंह, चंदन सिंह, अखिलेश तिवारी, विवेक सिंह, गौरव सिंह समेत कई अधिवक्ता मौजूद रहे।
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