
Varanasi News: दालमंडी चौड़ीकरण योजना को लेकर वाराणसी में रविवार को एक बार फिर बवाल मच गया। विरोध के बीच पुलिस और प्रशासन की निगरानी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू होते ही समाजवादी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर सांसद वीरेंद्र सिंह (चंदौली) के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को दालमंडी व्यापारियों से मिलने के लिए रवाना हुआ, लेकिन पुलिस ने उन्हें टैगोर टाउन कॉलोनी से आगे नहीं बढ़ने दिया। रोके जाने से नाराज सपा प्रतिनिधि वहीं धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
सांसद वीरेंद्र सिंह ने कहा, पिछली बार भी प्रशासन ने हमें यह कहकर रोका था कि प्रधानमंत्री का दौरा और देव दीपावली है, तब हमने सहयोग किया। लेकिन आज बिना किसी वजह के रोकना सरासर गलत है। व्यापारी हमें बुला रहे हैं, हम उनकी बात सुनने जा रहे हैं। यदि प्रशासन को भीड़ की चिंता है, तो हमें सिर्फ 5 लोगों के साथ जाने दें या अधिकारी खुद साथ चलें।”
उन्होंने आरोप लगाया कि “यह प्रशासन की गुंडागर्दी है। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में आम लोगों की समस्याएं न उठाएं तो कौन उठाएगा? अगर प्रशासन हमें दालमंडी जाने से रोकता है, तो हम यहीं धरने पर बैठेंगे और सदन में यह मुद्दा उठाएंगे।
इस बीच, पूर्व मंत्री मनेज राय धूपचंडी ने भी कहा, सरकार रोजगार नहीं दे पा रही, ऊपर से कारोबार छीन रही है। हम दालमंडी जरूर जाएंगे।
धरने की सूचना मिलते ही एडीएम सिटी आलोक वर्मा, डीसीपी वरुणा जोन प्रमोद कुमार और एसीपी कैंट समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
प्रशासन ने सपा प्रतिनिधिमंडल से पहले ही कहा था कि वे 10 नवम्बर को दालमंडी जा सकते हैं, लेकिन आज की कार्रवाई के बीच रोके जाने पर सपा कार्यकर्ता और सांसद करीब 100 समर्थकों के साथ टैगोर कॉलोनी में ही धरने पर बैठ गए।
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