
Chandauli News: चंदौली जिले में बुधवार को सैकड़ों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि हाल ही में आए मोन्था चक्रवात के कारण उनकी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है, लेकिन प्रशासन अब तक मुआवजे को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।
भाकियू (भारतीय किसान यूनियन) के बैनर तले जुटे किसानों ने डीएम को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि अगर जल्द राहत नहीं मिली तो वे बड़े आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और आने वाले दिनों में इसका पूरा जिम्मा प्रशासन को उठाना पड़ेगा।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष दीनानाथ श्रीवास्तव ने कहा कि “मोन्था चक्रवात के चलते जिले भर में धान की फसलें चौपट हो गईं। खेतों में धान सड़ने लगी है और रबी की बुवाई पर भी संकट मंडरा रहा है। किसान अपनी फसल से ही परिवार चलाता है, बेटियों की शादी करता है, लेकिन इस बार उसकी मेहनत पर पानी फिर गया है।”
बरहनी ब्लॉक के किसान प्रभात कुमार सिंह अनुज ने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा नुकसान इसी क्षेत्र के किसानों को हुआ है। उन्होंने कहा, “बरहनी धान उत्पादन का प्रमुख क्षेत्र है, लेकिन अब खेत सूने हैं और किसानों के पास कोई सहारा नहीं बचा है।”
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि धान की फसल बर्बादी को आपदा मानते हुए विशेष राहत पैकेज दिया जाए, ताकि किसान अगली फसल की तैयारी कर सकें। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सर्वे के नाम पर अधिकारियों की लापरवाही जारी है और जमीनी स्तर पर किसी को कोई मदद नहीं मिली है।
विरोध प्रदर्शन में सुमंत सिंह, चंद्रशेखर सिंह, अंजनी तिवारी, रणविजय यादव, महेश्वर सिंह, विनोद सिंह, अवनीश सिंह, हरबंश सिंह और अरुण कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
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