
Delhi Bomb Blast: लाल किले के बाहर हुए दिल्ली विस्फोट को लेकर देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सरकार से पूछा है कि इस घटना को आतंकी हमला घोषित करने में 48 घंटे की देरी क्यों की गई।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार को इस विस्फोट को आतंकी हमला करार देने में दो दिन क्यों लग गए? आखिर यह देरी क्यों हुई, यह हमारा पहला सवाल है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारा दूसरा सवाल यह है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि किसी भी आतंकी कार्रवाई को युद्ध माना जाएगा, तो अब इस स्थिति में सरकार का रुख क्या है? हमने मांग की है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि इस आतंकी हमले को लेकर संसद का सत्र पहले बुलाया जाना चाहिए, ताकि इस पर गहन चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि देश को इस समय भरोसे की जरूरत है। यह विश्वास केवल सर्वदलीय बैठक और संसद सत्र के माध्यम से बहाल किया जा सकता है।
वहीं, पूर्व गृह मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बुधवार (12 नवंबर 2025) को बयान देते हुए कहा कि भारत आज दो तरह के आतंकवादियों से जूझ रहा है — एक जो विदेशों में प्रशिक्षित घुसपैठिए हैं, और दूसरे जो देश के भीतर पनप रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैंने संसद में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस के दौरान भी यही बात कही थी, लेकिन तब मेरा मजाक उड़ाया गया था।”
कांग्रेस के इन सवालों के बाद अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या सरकार आने वाले दिनों में विपक्ष की मांग पर सर्वदलीय बैठक या संसद का विशेष सत्र बुलाएगी।
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