
Chandauli News: चंदौली जिले में साइबर अपराधियों ने शिक्षिका को डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर हजारों रुपये ठग लिए। मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र के कस्बा निवासी पूजा नामक शिक्षिका को ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ की फर्जी कहानी सुनाकर 25 हजार रुपये हड़प लिए।
सरकारी अधिकारी बनकर किया वीडियो कॉल
पूजा ने बताया कि उन्हें एक अचानक आए वीडियो कॉल पर खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताने वाले ठगों ने यह कहकर डराना शुरू किया कि उनके बैंक खाते से संदिग्ध लेन-देन की शिकायत मिली है। ठगों ने शिक्षिका को विश्वास दिलाया कि मामला गंभीर है और उन्हें “डिजिटल तरीके से हिरासत” में लिया जा रहा है। इसके बाद फोन को लगातार कान पर लगाए रखने का दबाव बनाया गया ताकि वह किसी और से बात न कर सकें।
QR कोड भेजकर कराते रहे भुगतान
पूरी कॉल के दौरान ठग एक–एक करके स्कैनर (QR) कोड भेजते रहे और हर बार पूजा से तुरंत भुगतान करने के लिए दबाव बनाते रहे। डर और मानसिक दबाव में आई शिक्षिका ने अपने बैंक खाते में मौजूद करीब 25,000 रुपये अलग-अलग बार में ठगों को ट्रांसफर कर दिए। ठगों ने बाद में और रकम की मांग करते हुए उन्हें एक घंटे की मोहलत भी दी।
सहकर्मी को बताने पर खुली आंखें
घटना से घबराई पूजा ने जब अपने विद्यालय के एक सहकर्मी को बात बताई, तब उन्हें समझ आया कि वह साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुकी हैं। इसके बाद शिक्षिका शनिवार को स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में जुट गई हैं।
ऐसे कॉल से रहें सतर्क, तुरंत करें शिकायत
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि कोई भी कॉल या वीडियो कॉल जिसमें सामने वाला खुद को सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताए या डिजिटल गिरफ्तारी की बात करे, तो ऐसी बातों में न आएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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