
Azam Khan Fake PAN Card Case: रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खां और उनके बेटे पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खां को दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाने के मामले में दोषी ठहराते हुए सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला सुनाते ही कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में ले लिया और जेल भेज दिया।
यह मामला 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में स्वार-टांडा सीट से अब्दुल्ला आजम के नामांकन के दौरान कथित रूप से दो अलग-अलग जन्मतिथि वाले पैन कार्ड प्रस्तुत करने से जुड़ा है। एक पैन कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 और दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज थी। आरोप था कि आयु संबंधी अर्हता पूरी करने के लिए फर्जी पैन कार्ड बनवाया गया।
मामले की शिकायत भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 2019 में दर्ज कराई थी। उनके मुताबिक, अब्दुल्ला आजम ने अपने पिता आजम खां के साथ मिलकर सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए और नामांकन पत्र में इस्तेमाल कर विधायक चुने गए। इस आधार पर आजम खां और अब्दुल्ला आजम के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 467, 468, 471 (दस्तावेजों में जालसाजी) और 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
फैसले के दौरान शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना खुद कोर्ट में मौजूद रहे। फैसले को देखते हुए कचहरी परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बाहर सपा और भाजपा कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना रहा। आजम खां के खिलाफ कुल 104 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें अब तक 12 में फैसले आ चुके हैं। इनमें 7 मामलों में उन्हें सजा और 5 में बरी किया जा चुका है।
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