
Varanasi News: वाराणसी पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक बड़े साइबर फ्रॉड गैंग का भंडाफोड़ करते हुए तीन आरोपियों को महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह निवेश के नाम पर ग्रामीणों और परिचितों को तीन गुना रिटर्न का झांसा देकर लाखों-करोड़ों रुपये ऐंठ चुका था। ठगी में पति-पत्नी और परिवार की महिला सदस्य सक्रिय रूप से शामिल थीं।
नासिक में दबिश
पुलिस टीम 16 नवंबर 2025 को साइबर सेल से प्राप्त लोकेशन के आधार पर नासिक के गंगापुर क्षेत्र में स्थित यशलक्ष्मी ईडेन अपार्टमेंट पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश दी गई, जहां से तीनों आरोपी—राजेंद्र प्रसाद जायसवार, धनौती देवी और संगीता उपेंद्रनाथ जायसवाल—को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उच्चतम न्यायालय और मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए परिजनों को फोन पर सूचना दी।
तीन गुना पैसा करने का झांसा
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे निवेशकों को यह कहकर फंसाते थे कि 12 महीने के भीतर उनका पैसा तीन गुना कर दिया जाएगा। अपनी इसी रणनीति से वे पहले गांव के लोगों और दूर के रिश्तेदारों को झांसे में लेते गए। पहली बार में ही आरोपियों के हाथ करोड़ों रुपये लग गए, जिसके बाद उन्होंने इस नेटवर्क को विस्तार देना जारी रखा।
लैपटॉप, मोबाइल और फर्जी दस्तावेज बरामद
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में दस्तावेज और डिजिटल सामान बरामद किए। बरामदगी में शामिल हैं- 03 एटीएम कार्ड, 01 लेनोवो लैपटॉप, 03 आधार कार्ड, 01 पैन कार्ड, 02 चेक बुक, 5 मोबाइल फोन, 10 पासबुक, फर्जी मोहर और लेटर पैड, ये दस्तावेज धन के लेनदेन और लोगों को फंसाने के हथकंडों को साबित करते हैं।
गोरखपुर में दर्ज हैं कई गंभीर मुकदमे
गिरफ्तार तीनों आरोपियों पर गोरखपुर में भी कई संगीन मामले पहले से दर्ज हैं। मुकदमों में 406, 419, 420, 120B सहित धोखाधड़ी से जुड़ी गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों की ठगी की रकम और नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा है और कई पीड़ित अलग-अलग जिलों में फैले हुए हैं।
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