
Chandauli News: चंदौली जिले में करीब 1200 करोड़ रुपये की हर घर नल जल योजना सुस्त रफ्तार और सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ती दिखाई दे रही है। चार साल बीत जाने के बाद भी कई गांवों में पानी की टंकी का निर्माण, पाइपलाइन बिछाने और घरों तक कनेक्शन देने जैसे मूल कार्य अब तक पूरे नहीं हो सके हैं।
चकिया विधानसभा के नेगुरा गांव में हालात सबसे खराब हैं। यहां योजना शुरू हुए चार साल हो चुके हैं, लेकिन केवल बोरिंग के सिवाय कोई काम आगे नहीं बढ़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन पर योजना का निर्माण होना था, उस पर दबंगों का अवैध कब्जा हो गया, और सरकारी जमीन पर खेती तक कर ली गई।
स्थिति तब और अजीबो गरीब दिखी जब गांव के प्रधानपति ने खुद स्वीकार किया कि उन्हें नहीं पता कि उस जमीन पर कब्जा किसने किया। प्रधानपति ने बताया शिकायत करने पर शिकायत एक अधिकारी से दूसरे तक घूमती रही—ठेकेदार का पता नहीं, और जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते रहे।
नेगुरा ही नहीं-पूरे जिले में कई जगह यही स्थिति है। हमारी टीम जब गांव में पहुंची, तो एक और लापरवाही सामने आई। जिन गलियों और सड़कों में पाइपलाइन डाल दी गई, वहां सड़कें अब भी टूटी और उखड़ी पड़ी हैं। योजना का 30% काम तक पूरा नहीं, न टंकी बनी है और न ही पानी की सप्लाई चालू हुई है। पाइप हर घर तक तो पहुंच गए, लेकिन उनमें पानी नहीं।
गांव के रामाशीष मौर्य बताते हैं कि हमलोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन किसी स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीण खुलकर नाराज़ दिखे और बोले- अब हम उम्मीद करना छोड़ चुके हैं, क्योंकि कोई अधिकारी यहां आकर न काम की समीक्षा करता है और न जवाब देता है।
चार साल में भी लक्ष्य अधूरा
मार्च 2021 में जल जीवन मिशन के तहत चंदौली जिले में हर घर तक नल का पानी पहुंचाने का कार्य शुरू हुआ था। मार्च 2024 तक काम पूरा होना था, लेकिन सुस्ती को देखते हुए समयसीमा बढ़ाकर मार्च 2025 कर दी गई।
फिर भी आज तक सिर्फ 65% काम ही पूरा हो पाया है। चौंकाने वाली बात यह है कि एक भी गांव ऐसा नहीं है, जहां पूरी तरह से जल आपूर्ति शुरू हो चुकी हो।
कई गांवों में जमीन का है ही नहीं समाधान
जल निगम के अधिकारियों ने साफ कहा कि कई जगह जमीन का सीमांकन नहीं हुआ, कब्जे और विवादों के कारण काम शुरू ही नहीं हो पाया। फिलहाल निम्न गांवों में काम अधूरा है— सकलडीहा ब्लाक के आलमपुर, सरेसर, नसीरपुर पट्टन, रेवसा, धूसखास, जलालपुर आदि गांव। चहनिया ब्लॉक के कैली, कुरहना, भूपौली, महरखा आदि। कहीं टंकी बनी है पर कनेक्शन नहीं, और कहीं कनेक्शन दे दिए गए, पर टंकी ही अधूरी है।
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