वाराणसी दालमंडी विवाद: सड़क चौड़ीकरण के विरोध में सपा नेता की सरेआम गिरफ्तारी

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Varanasi News

Varanasi News: वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के विरोध के मामले में शुक्रवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पुलिस ने सपा नेता इमरान उर्फ बबलू को नई सड़क पर सरेराह पकड़ लिया। गिरफ्तारी के दौरान इमरान पुलिस से खुद को छोड़ने की गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी एक न सुनी।

इमरान की सड़क पर हुई गिरफ्तारी के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। भीड़ ने पुलिस पर दबाव बनाते हुए इमरान को छोड़ने की मांग की, जिसके कारण कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। इसी बीच एक सिपाही की बाइक पर बैठाकर इमरान को चौक थाने ले जाया गया। इसके बाद उसके समर्थकों की भीड़ थाने के बाहर जुट गई।

क्या है पूरा विवाद?

दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण और पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण को लेकर दो दिन पहले स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान महिलाओं और युवकों ने अधिकारियों से नोकझोंक की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। जोनल अधिकारी सौरभ देव प्रजापति ने चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें मो. सालिम, इमरान उर्फ बबलू और 30 अज्ञात लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाया गया था।

वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) का कहना है कि जिस भवन का विरोध किया जा रहा था, उसके खिलाफ 1984 से नोटिस लंबित है, लेकिन भवन स्वामी ने कभी भी शमन मानचित्र जमा नहीं किया।

187 मकान होंगे ध्वस्त
नगर निगम के अनुसार, दालमंडी क्षेत्र में कुल 187 मकानों को गिराने के लिए चिन्हित किया गया है, जिसके लिए लगभग 191 करोड़ रुपये के मुआवजे का प्रावधान है। इनमें से 14 दुकानदार मुआवजा लेकर ध्वस्तीकरण की अनुमति दे चुके हैं, जिनके मकान सबसे पहले गिराए जा रहे हैं। अभी तक 2 मकानों को ध्वस्त किया गया है।

दालमंडी का इतिहास
दालमंडी बनारस की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही है। अंग्रेजों के जमाने में इसे ‘डॉलमंडी’ कहा जाता था। यहां से बॉलीवुड अभिनेत्री नरगिस की मां जद्दनबाई और बनारस घराने के दिग्गज तबलावादक लच्छू महाराज का भी गहरा संबंध रहा है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि 31 मार्च को चौड़ीकरण का आदेश जारी होने के बाद भी अधिकारियों ने उनसे कोई संवाद नहीं किया।

कैसा बनेगा नया दालमंडी मार्ग?

दालमंडी गली को एक ‘मॉडल सड़क’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त में इसका शिलान्यास किया था। परियोजना की लागत 215.88 करोड़ रुपये है। इस सड़क के दोनों ओर 3.2 मीटर चौड़ा फुटपाथ और हरियाली विकसित की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, यह सड़क काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट-4 के सामने स्थित है और इसे शहर की सबसे सुंदर सड़क के रूप में विकसित किया जाएगा।

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