
Chandauli News: चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील अंतर्गत धनउर गांव के किसानों ने क्षेत्रीय लेखपाल पर धान खरीद प्रक्रिया में अनियमितता और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। शुक्रवार को दर्जनों किसानों ने जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की और लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसानों का आरोप है कि उन्होंने सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है, लेकिन संबंधित लेखपाल संदेश मिश्रा द्वारा अब तक सत्यापन नहीं किया गया। इससे किसानों का धान खराब मौसम के बावजूद खेतों और खलिहानों में पड़ा हुआ है, जिससे उन्हें भारी नुकसान का डर सता रहा है।
सत्यापन नहीं, गांव से दूरी—किसानों में नाराजगी
किसानों ने डीएम को बताया कि लेखपाल न तो फोन उठाते हैं और न ही गांव का दौरा करते हैं। सत्यापन में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान नहीं बेच पा रहे हैं।
खतौनी अंश निर्धारण के लिए पैसे मांगने का आरोप
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि खतौनी में अंश निर्धारण कराने के लिए लेखपाल द्वारा अवैध रूप से धन की मांग की जाती है। अंश निर्धारण न होने के कारण कई किसानों को सरकारी योजनाओं और लाभकारी योजनाओं का फायदा नहीं मिल पा रहा है।
डीएम ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश
जिलाधिकारी चंद्रमोहन गर्ग ने किसानों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित लेखपाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच की जिम्मेदारी सकलडीहा के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को सौंपी गई है।
इन किसानों ने की शिकायत
शिकायत करने वालों में जितेंद्र मिश्रा, हनुमान, विवेक नारायण सिंह, शंकर सिंह, इंद्रजीत सिंह, उर्मिला, जनार्दन सिंह, राघवेंद्र मिश्रा सहित कई अन्य किसान शामिल रहे। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि धान खरीद प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कराया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
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