
Lucknow News: नए साल के पहले दिन उत्तर प्रदेश में कानून की सख्ती और संवेदनशील शासन का एक मार्मिक उदाहरण देखने को मिला। भूमाफियाओं की प्रताड़ना की शिकार सेना के एक दिवंगत मेजर की बेटी अंजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप से महज 24 घंटे के भीतर न्याय मिल गया। फर्जी दस्तावेजों के सहारे हड़पे गए उनके करोड़ों रुपये के मकान को पुलिस ने कब्जामुक्त कराकर अंजना को सौंप दिया, जबकि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद जिस तेजी से कार्रवाई हुई, उसने एक बार फिर योगी सरकार की भूमाफिया के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति को जमीन पर साबित कर दिया।
मेजर की बेटी, बीमारी और भूमाफियाओं की साजिश
अंजना के पिता स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट भारतीय सेना में मेजर थे। लखनऊ के इंदिरानगर स्थित ए-418 नंबर मकान उनके परिवार की अमूल्य विरासत है। पिता, भाई और बहन को खोने के बाद अंजना मानसिक बीमारी सिजोफ्रेनिया से जूझ रही थीं और वर्ष 2016 से एक रिहैब सेंटर में इलाजरत थीं।

इसी असहाय स्थिति का फायदा उठाकर चंदौली निवासी बलवंत कुमार यादव और उसके सहयोगी मनोज कुमार यादव ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मकान पर कब्जा कर लिया और अपना बोर्ड तक लगा दिया।
मुख्यमंत्री से गुहार, मिला त्वरित न्याय
31 दिसंबर को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। एक सैनिक की बेटी की व्यथा सुनकर मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई और महज 24 घंटे के भीतर जांच पूरी कर मकान को कब्जामुक्त करा दिया गया।
घर में कदम रखते ही छलक पड़े आंसू
गुरुवार को पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में जब अंजना अपने घर में दाखिल हुईं, तो भावनाओं पर काबू नहीं रख सकीं। हर कमरे को देखकर, दीवारों को छूकर उन्होंने अपने बीते दिनों को याद किया। घर के बाहर नारियल फोड़ा, दीप प्रज्ज्वलित किया और पड़ोसियों से लिपटकर रो पड़ीं। उनके शब्दों में मुख्यमंत्री के लिए सिर्फ आभार था- थैंक यू योगी अंकल… गॉड ब्लेस यू।
दो आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह ने बताया कि मामले में बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू और मनोज कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप हैं।
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