बेटी बोझ नहीं, भविष्य है – यूपी में 27 लाख बेटियों की ताकत बनी कन्या सुमंगला योजना

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Kanya Sumangal Yojana

Kanya Sumangal Yojana: उत्तर प्रदेश में बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रतिबद्धता जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगी है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना आज प्रदेश की लाखों बालिकाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव की मिसाल बन चुकी है। इस योजना के जरिए सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बेटियां समाज और राष्ट्र की मजबूती का आधार हैं, न कि किसी पर बोझ।

अब तक प्रदेश की करीब 27 लाख बालिकाएं इस योजना से लाभान्वित हो चुकी हैं। इसके तहत पात्र बालिकाओं को 647.21 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है, जो इस बात का प्रमाण है कि योजना केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं, बल्कि प्रभावी रूप से लागू हो रही है।

जमीन पर उतरती दिख रही सरकारी सोच

सरकार की पारदर्शी व्यवस्था के कारण सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है। इससे न सिर्फ जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक संबल मिला है, बल्कि शासन-प्रशासन पर लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।

बालिकाओं का कल्याण सरकार की प्राथमिकता

चालू वित्तीय वर्ष में ही 3.28 लाख से अधिक बालिकाओं को 130.03 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि योगी सरकार के एजेंडे में बालिकाओं का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता पर है। योजना ने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ-साथ समाज की मानसिकता में भी सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है।

लैंगिक समानता की दिशा में ठोस पहल

वर्ष 2019 में शुरू की गई मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक, बालिकाओं के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है। योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के मूल निवासी ऐसे परिवारों की बेटियों को दिया जा रहा है, जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं है और परिवार में अधिकतम दो बच्चे हैं।

सहायता राशि बढ़ने से बढ़ा भरोसा

वित्तीय वर्ष 2024-25 से योजना के तहत मिलने वाली कुल सहायता राशि को 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। यह राशि बालिका के जीवन के छह महत्वपूर्ण चरणों में प्रदान की जाती है, ताकि जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक उसका मार्ग सुगम बन सके।

बेटियों के सपनों को मिल रही उड़ान
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना आज उत्तर प्रदेश में बेटियों के सशक्तिकरण की पहचान बन चुकी है। यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, बल्कि समाज को यह संदेश भी दे रही है कि बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और विकास में निवेश ही प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य की नींव है।

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