
Varanasi News: उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए देशभर से आए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि आज काशी की धरती पर देश के कोने-कोने से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा,
“आप सभी खिलाड़ी महीनों की कड़ी मेहनत के बाद इस टूर्नामेंट तक पहुंचे हैं। अब आने वाले दिनों में काशी के मैदान पर आपकी मेहनत की असली परीक्षा होगी।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 28 राज्यों की टीमों की भागीदारी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की सशक्त और जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करती है। उन्होंने कहा कि बनारस ने हमेशा खेल जगत को उत्कृष्ट खिलाड़ी दिए हैं। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, यूपी कॉलेज और काशी विद्यापीठ जैसे संस्थानों से निकले खिलाड़ियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के दौरान काशी का जोश और उत्साह चरम पर रहेगा।
वॉलीबॉल के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल एक खेल नहीं, बल्कि संतुलन, सहयोग और टीम भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह खेल सिखाता है कि हर परिस्थिति में गेंद को हवा में बनाए रखना जरूरी है और खिलाड़ी अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए खेलते हैं।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश को 43 वर्षों बाद नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी का अवसर मिला है। इससे पहले वर्ष 1984 में इस प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। इस बार देशभर की कुल 58 टीमें टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही हैं। उत्तर प्रदेश की पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयांस सिंह (यूपी पुलिस) कर रहे हैं, जबकि महिला टीम की कमान प्रियंका (यूपी पुलिस) संभाल रही हैं। उद्घाटन मुकाबला उत्तर प्रदेश और बिहार की पुरुष टीमों के बीच खेला जाएगा।
उद्घाटन समारोह से पूर्व सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों ने भव्य मार्च पास्ट किया, जहां ‘सारे जहां से अच्छा’ की देशभक्ति धुन से माहौल राष्ट्रप्रेम से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उपमुख्यमंत्री और कई अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 वर्षों में देश ने एक नए भारत को उभरते हुए देखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाएं शुरू की गईं, जिससे खेल अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहे, बल्कि जीवन के सर्वांगीण विकास का अहम माध्यम बन गए हैं। उन्होंने कहा कि आज गांव से लेकर शहर तक खेल संस्कृति को मजबूती मिली है।