
Chandauli News: मनरेगा योजना के नाम और स्वरूप में प्रस्तावित बदलाव के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने चंदौली में व्यापक आंदोलन की घोषणा की है। पार्टी ने उपवास, बूथ स्तर पर सम्मेलन और जनजागरण कार्यक्रमों के जरिए केंद्र सरकार के फैसले का विरोध करने का ऐलान किया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण कुमार द्विवेदी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए जा रहे बदलाव ग्रामीण मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के निरंतर आंदोलनों के दबाव में सरकार को अंततः यह फैसला वापस लेना पड़ेगा। द्विवेदी ने कहा कि नए प्रावधानों से मजदूरों के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर मजदूरों के साथ अन्याय किया है। पहले इस योजना के तहत 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन नए कानून में यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ेगा।
उन्होंने मनरेगा के फंडिंग पैटर्न में बदलाव पर भी सवाल उठाए। द्विवेदी ने बताया कि पहले केंद्र सरकार 90 प्रतिशत और राज्य सरकार 10 प्रतिशत अंशदान देती थी, जबकि अब केंद्र का अंशदान घटाकर 60 प्रतिशत और राज्य का हिस्सा बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे राज्य सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा और योजना का प्रभाव कमजोर होगा।
कांग्रेस ने मनरेगा में ठेकेदारों के माध्यम से कार्य कराने के प्रस्ताव का भी विरोध किया। पार्टी का कहना है कि इससे ग्रामीण मजदूर ठेकेदारों की मनमानी के शिकार होंगे और योजना का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि पार्टी बूथ स्तर से लेकर जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक आंदोलन तेज करेगी और केंद्र सरकार की इस नीति को लागू नहीं होने देगी। इस मौके पर नगर अध्यक्ष बृजेश गुप्ता, शिवेंद्र मिश्रा, राकेश सिंह समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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