
Chandauli News: जिला मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति पार्क में सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने सामूहिक उपवास रखा। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदले जाने और उससे जुड़े नए प्रावधानों के खिलाफ आयोजित किया गया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाओं को कमजोर करने के उद्देश्य से मनरेगा में बदलाव कर रही है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस फैसले से ग्रामीण मजदूरों के हित प्रभावित होंगे और कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार संघर्ष जारी रखेगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरुण द्विवेदी ने कहा कि मनरेगा योजना के नाम में बदलाव कर केंद्र सरकार ने देश के मजदूरों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने बताया कि पहले मनरेगा के तहत 100 दिन के रोजगार की गारंटी थी, लेकिन नए कानून में इस बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले योजना में केंद्र सरकार का 90 प्रतिशत और राज्य सरकार का 10 प्रतिशत अंशदान था, जबकि नए प्रावधानों में केंद्र का हिस्सा घटाकर 60 प्रतिशत और राज्य का बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसके अलावा, मनरेगा के तहत ठेकेदारों के माध्यम से काम कराने का प्रावधान लाए जाने की आशंका जताई गई, जिससे मजदूरों को ठेकेदारों की मनमानी का सामना करना पड़ सकता है।
कांग्रेस पार्टी ने इस फैसले के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। अरुण द्विवेदी ने कहा कि पार्टी बूथ स्तर से लेकर जिला, प्रदेश और केंद्र स्तर तक रैलियां और प्रदर्शन कर केंद्र सरकार की नीति का विरोध करेगी।
इस मौके पर बृजेश गुप्ता, देवेंद्र प्रताप सिंह, माधवेंद्र मूर्ति ओझा, मधु राय, रामानंद यादव, मुनीर खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ALSO READ – वाराणसी में सड़कों पर उतरी कांग्रेस: पुलिस से धक्का-मुक्की हिरासत में 100 से ज्यादा कांग्रेसी