
Chandauli News: चंदौली के चकरघट्टा थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरेशाम हुई दबंगई की घटना में बदमाशों ने एक ई-रिक्शा चालक को न सिर्फ बेरहमी से पीटा, बल्कि उसकी आजीविका का एकमात्र साधन भी क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के बाद से इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, देवखत गांव निवासी संजय कुमार ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। शुक्रवार शाम करीब पांच बजे वह सवारी लेकर जा रहा था, तभी चिकनी मोड़ के पास पांच-छह युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि युवक जबरन बैरगाढ़ गांव चलने का दबाव बनाने लगे। संजय ने ई-रिक्शा की बैटरी डिस्चार्ज होने की बात कहकर असमर्थता जताई, जिस पर आरोपी भड़क गए।
पीड़ित के अनुसार, बदमाशों ने पहले गाली-गलौज की और फिर लाठी-डंडों से उसकी पिटाई शुरू कर दी। यहीं नहीं, आरोपियों ने ई-रिक्शा पर भी हमला कर उसे बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। व्यस्त चौराहे पर हुई इस वारदात से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बेखौफ होकर फरार हो गए।
घायल अवस्था में संजय किसी तरह चकरघट्टा थाने पहुंचा और नामजद तहरीर दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि चिकनी मोड़ जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में इस तरह की गुंडई पुलिस गश्त की पोल खोलती है।
तहरीर के बाद भी गिरफ्तारी नहीं
इस मामले में थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि तहरीर प्राप्त हो चुकी है और आरोपियों की तलाश के लिए टीम गठित की गई है। हालांकि, घटना के कई घंटे बाद तक किसी की गिरफ्तारी न होना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रहा है। क्षेत्र के गरीब और मेहनतकश तबके में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।
संरक्षण की चर्चा, लोगों में आक्रोश
इलाके में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर सरेशाम इस तरह की वारदात करने की हिम्मत बदमाशों को कहां से मिल रही है। क्या अपराधियों को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है? लगातार बढ़ रही घटनाओं से आम जनता नाराज है। अब सबकी निगाहें पुलिस पर टिकी हैं कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है या मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।